सपा नेता मुन्ना यादव ने राजभरों और दलितों पर बोले 'अपशब्द', मऊ कोतवाली में हुई शिकायत
मऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सपा सांसद राजीव राय के प्रतिनिधि और पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष शिव प्रताप यादव उर्फ 'मुन्ना यादव' पर दलित और राजभर समाज के खिलाफ आपत्तिजनक व जातिसूचक टिप्पणी करने का गंभीर आरोप लगा है। इसके साथ ही उन पर अनिल यादव नाम के एक व्यक्ति की जमीन हड़पने के प्रयास का भी आरोप है। इस मामले को लेकर सपा नेता देवनाथ यादव और शिवप्रकाश मुन्ना यादव के खिलाफ मऊ कोतवाली में एक तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि सपा के बड़े नेता एक तरफ तो बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान की दुहाई देते हैं और पीडीए की राजनीति करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ जमीनी हकीकत में वे दलितों और राजभरों को सरेआम गालियां दे रहे हैं। नेताओं का कहना है कि यह कृत्य उनकी सामंतवादी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि सांसद गरीबों के समर्थन से ही चुनाव जीते हैं, इसलिए यदि आरोपी प्रतिनिधि के खिलाफ जल्द ही उचित कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो पूरा दलित और राजभर समाज एकजुट होकर सड़कों पर उतरने और आंदोलन करने को मजबूर होगा।

दूसरी ओर, आरोपी पक्ष और सांसद समर्थकों का मानना है कि ये आरोप पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष और छवि खराब करने की भावना से प्रेरित हैं। उनका कहना है कि मामले की सच्चाई पुलिस जांच में सामने आ जाएगी और कानून के दायरे में रहकर ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल मऊ कोतवाली पुलिस को तहरीर मिल चुकी है और प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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