लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष हमेशा प्रेरणा देता रहेगा : अनिल दीक्षित
कानपुर, 25 जून (हि.स.)। आपातकाल भारतीय लोकतंत्र पर लगा ऐसा काला धब्बा है, जिसे देश कभी भूल नहीं सकता। लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रेरित करता रहेगा। यह बातें गुरुवार को भाजपा कानपुर उत्तर के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने संविधान हत्या दिवस के अवसर पर कहीं।
भारतीय जनता पार्टी कानपुर उत्तर की ओर से आज संविधान हत्या दिवस मनाया गया। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों और मंडल अध्यक्षों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों के आवासों पर पहुंचकर उनका सम्मान किया। उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति-चिन्ह भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया।
जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित के निर्देश पर जिले भर में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को याद करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया।
इसी क्रम में अनिल दीक्षित ने फजलगंज फैक्ट्री एरिया निवासी लोकतंत्र सेनानी कुंज बिहारी गुप्ता के आवास पर पहुंचकर उनका सम्मान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
वहीं जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा ने गुमटी नंबर-5 स्थित नसीमाबाद क्षेत्र में लोकतंत्र सेनानी अरुण गुप्ता के आवास पर पहुंचकर उनका सम्मान किया और उनके संघर्षों को नमन किया।
इसके अलावा पार्टी के अन्य जिला पदाधिकारियों एवं मंडल अध्यक्षों ने कानपुर उत्तर जिले में निवासरत लोकतंत्र सेनानियों के घर-घर पहुंचकर सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को याद करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का त्याग और संघर्ष देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उनके अनुभव और संघर्ष समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

