शहीदों का बलिदान देश की प्रेरणा, नई पीढ़ी को उनसे सीख लेनी चाहिए : सरदार नीतू सिंह
कानपुर, 23 मार्च (हि.स.)। शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का बलिदान देश की अमूल्य धरोहर है। उनका त्याग, साहस और देशभक्ति हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आज के युवाओं को उनके आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए और देशहित को सर्वोपरि रखना चाहिए। ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ सकते हैं। यह बातें सोमवार को गुरुद्वारा बाबा नामदेव समिति के सरदार नीतू सिंह ने शहीद दिवस के अवसर पर कार्यक्रम में कही।
गुरुद्वारा बाबा नामदेव समिति द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान दिवस पर गोविंद नगर बी-ब्लॉक स्थित श्रीमुनि कॉलेज परिसर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहरवासियों, सामाजिक संगठनों और विद्यार्थियों ने भाग लेकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान दिल्ली से आई वैशाली जानकी राज की कलाकार टीम ने स्वतंत्रता संग्राम के दौर का जीवंत नाट्य मंचन प्रस्तुत किया, जिसमें शहीदों के जीवन, संघर्ष और बलिदान को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया और पूरा वातावरण देशभक्ति से ओतप्रोत हो गया। देशभक्ति गीतों और संगीत की प्रस्तुतियों के बीच “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से परिसर गूंज उठा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में पद्मिनी पद्मा ग्रुप द्वारा “मेरा भारत महान” विषय पर आकर्षक प्रस्तुति दी गई, जिसने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। इसके अतिरिक्त कानपुर के अन्य स्थानीय कलाकारों ने भी देशभक्ति से जुड़े गीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया।
कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर और श्रीमुनि विद्यालय के छात्र-छात्राओं की सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया और शहीदों के बलिदान से प्रेरणा ग्रहण की। आयोजकों का मानना है कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान रजत सिंह तलवार शो, प्रेम अरोड़ा, राजकुमार वधावन, गौरांग दीक्षित और अमरजीत सिंह पम्मी ने किया। बच्चों के लिए विशेष आकर्षण के रूप में जादूगरी और कठपुतली नाटक का आयोजन भी किया गया, जिसमें रोचक ढंग से देशभक्ति का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का समापन शहीदों को सामूहिक नमन, देशभक्ति के नारों और राष्ट्रगान के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने शहीदों के आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में योगदान देने का संकल्प लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

