मुरादाबाद मे 10 सितंबर से जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण की होगी समीक्षा : जिलाधिकारी

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मुरादाबाद मे 10 सितंबर से जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण की होगी समीक्षा : जिलाधिकारी


मुरादाबाद, 07 सितम्बर (हि.स.)। जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुरादाबाद के जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने जनपद में जर्जर एवं असुरक्षित भवनों के सर्वेक्षण, पूर्व में जारी नोटिसों के अनुपालन तथा दुर्घटना की आशंका वाले भवनों के विरुद्ध आवश्यक सुरक्षात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि 10 सितंबर से प्रत्येक दिवस शाम 7 बजे कैंप कार्यालय में जर्जर भवनों/आंगनबाड़ी केंद्रों के ध्वस्तीकरण की समीक्षा सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने सोमवार को संबंधित उपजिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों तथा नगर पालिका/नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनपद में अब तक चिन्हित जर्जर, निष्प्रयोज्य अथवा खतरनाक भवनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए उनकी सूची अद्यतन की जाए। जिन भवनों के संबंध में पूर्व में नोटिस जारी किए जा चुके हैं, उनका स्थल सत्यापन कराकर यह सुनिश्चित किया जाए कि भवन स्वामियों द्वारा आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठाए गए हैं अथवा भवन को रिक्त कराया गया है।

जिलाधिकारी डॉ राजेंद्र पैंसिया ने यह भी निर्देश दिए हैं कि ऐसे जर्जर भवन, जिनके संबंध में अभी तक नोटिस जारी नहीं किए गए हैं, उन्हें तत्काल चिन्हित कर नियमानुसार नोटिस जारी किया जाए। भवन स्वामी द्वारा नोटिस का अनुपालन न किए जाने की स्थिति में नियमानुसार तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने जर्जर एवं जोखिमपूर्ण भवनों के आसपास बैरकेडिंग, चेतावनी बोर्ड लगाने तथा नियमित निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं, जिससे आमजन की आवाजाही को ऐसे भवनों से दूर रखा जा सके। नगर निगम एवं नगर निकायों के सभी वार्डों में विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान मुख्य मार्गों, घनी आबादी वाले क्षेत्रों तथा संवेदनशील स्थानों पर स्थित जर्जर भवनों को विशेष रूप से चिन्हित किया जाएगा, ताकि कोई भी संभावित दुर्घटना समय रहते रोकी जा सके।

37 जर्जर भवनों का तकनीकी मूल्यांकन लंबित

जिलाधिकारी के निर्देश पर परिषदीय विद्यालयों के परिसरों में स्थित जर्जर भवनों/आंगनबाड़ी केंद्रों के ध्वस्तीकरण की स्थिति की समीक्षा की गई। समीक्षा में 37 जर्जर भवनों का तकनीकी मूल्यांकन लंबित, 12 जर्जर भवनों को अभी तक रिक्त नहीं कराया जाना तथा 28 भवनों के नीलामी/ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया लंबित पाई गई।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल

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