मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलें, साफ-सफाई और जलभराव की समस्या न हो: मुख्यमंत्री
लखनऊ, 08 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को 'सीएम-समीक्षा' की 8वीं उच्चस्तरीय बैठक में विकास परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश, ऊर्जा, कौशल विकास, श्रमिक कल्याण और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चल रही बड़ी परियोजनाओं को केवल प्रक्रियाओं तक सीमित न रखा जाए, उन्हें समयबद्ध ढंग से धरातल पर उतारा जाए।
मुख्यमंत्री ने मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंडियों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था हो, जलभराव की स्थिति न बने और किसानों को अपनी उपज के साथ किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंडी परिसरों की नियमित निगरानी और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी हों या फील्ड में तैनात अधिकारी, औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ तेजी से पूरा कराएं। भूमि अधिग्रहण, स्वीकृति, निविदा और अंतरविभागीय समन्वय से जुड़ी बाधाओं का तत्काल समाधान किया जाए।
एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए चार निविदाएं प्राप्त हो चुकी हैं और अक्टूबर में निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। फर्रुखाबाद, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक, झांसी और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 80 से 91 प्रतिशत तक भूमि उपलब्ध हो चुकी है। मेरठ-हरिद्वार, विंध्य और विंध्य-पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेसवे के लिए सत्यापन कार्य पूरा हो चुका है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों से अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए शेष भूमि संबंधी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में ग्रेटर नोएडा के मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब की भी समीक्षा हुई। यहां 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा प्राप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक परियोजनाओं में आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए। महिला श्रम सहभागिता बढ़ाने के लिए कामकाजी महिला छात्रावासों की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इनके निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों के निर्माण के साथ उनके प्रभावी संचालन के लिए भी अच्छी और उपयोगी नीति तैयार की जाए।
जीरो पावर्टी अभियान की समीक्षा में बताया गया कि चिन्हित 12.50 लाख परिवारों में से करीब 9 लाख आवास के पात्र पाए गए हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 30,725 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। अभियान के तहत पात्र परिवारों को श्रमिक पंजीकरण, आयुष्मान कार्ड, अंत्योदय कार्ड, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने का कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान में केवल पात्र परिवारों का चिन्हांकन पर्याप्त नहीं है, प्रत्येक पात्र परिवार को संबंधित योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए।
अग्नि सुरक्षा की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और होटलों में वैध फायर एनओसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनओसी की अवधि समाप्त होने से पहले नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी कराने और अग्नि सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

