शिक्षकों का सम्मान समाज और राष्ट्र निर्माण के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक : सुष्मित मिश्रा

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शिक्षकों का सम्मान समाज और राष्ट्र निर्माण के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक : सुष्मित मिश्रा


कानपुर, 05 अक्टूबर (हि.स.)। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनके व्यक्तित्व और भविष्य को दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में समर्पण के साथ कार्य करने वाले शिक्षकों का सम्मान समाज में उनके योगदान को पहचान देने का प्रयास है। यह विचार द इंटरनेशनल सेंटर, कानपुर के चेयरमैन सुष्मित मिश्रा ने सोमवार को विश्व शिक्षक दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह में व्यक्त किए।

द इंटरनेशनल सेंटर, कानपुर (सोसाइटी) की ओर से विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर पूर्व कुलपति प्रो. एच. एन. मिश्रा उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार-2026 सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। सोसाइटी के चेयरमैन सुष्मित मिश्रा और प्रबंध समिति की सदस्य पल्लवी मिश्रा के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

समारोह में प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च, अध्यापक, चिकित्सा, तकनीकी, प्रबंधन, कृषि और विधि शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों के शिक्षकों को पूर्व कुलपति प्रो. एच. एन. मिश्रा उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार-2026 प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य गुणवंत सिंह कोठारी, ब्रह्मावर्त पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. वी.के. कटियार, पालीवाल डायग्नोस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक डॉ. उमेश पालीवाल, श्री सनातन धर्म एजुकेशन सेंटर की डायरेक्टर शोभा दास, तिरंगा अगरबत्ती के निदेशक नरेंद्र शर्मा, वरिष्ठ समाजसेवी सेठ मुरालीलाल अग्रवाल, उद्यमी एवं वरिष्ठ समाजसेवक शेफाली राज और आईआईटी कानपुर के छात्र प्लेसमेंट कार्यालय की प्रोग्राम मैनेजर दीपिका अग्रवाल मौजूद रहीं।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदेमातरम्, सरस्वती पूजन और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। अतिथियों के स्वागत की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश संयोजक शैलेंद्र द्विवेदी ने निभाई। नमामि गंगे के प्रदेश संयोजक कृष्णकांत दीक्षित ने व्यवस्थापक की भूमिका निभाई।

कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. संदीप कुमार श्रीवास ने किया, जबकि संचालन नीरज कुमार चौधरी ने किया। वक्ताओं ने शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में शिक्षक की भूमिका सबसे अहम होती है। सम्मानित शिक्षकों ने भी आयोजन के लिए संस्था के प्रति आभार जताया।

अंत में सुमालिका प्रभात ने महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. मनोज कुमार प्रजापति और संस्था परिवार की ओर से सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया। राष्ट्रगान के बाद जलपान के साथ समारोह का समापन हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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