सीएसए की पुरानी प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित करने का संकल्प, मिलकर करेंगे शोध और नवाचार : कुलपति
कानपुर, 21 अप्रैल (हि.स.)। कृषि विश्वविद्यालय का पुराना गौरव वापस लाने के लिए सभी को मिलकर शोध, शिक्षण और प्रसार कार्य को मजबूत करना होगा, तभी हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से पहचान बना पाएंगे। यह बातें मंगलवार को कुलपति डॉ संजीव गुप्ता ने कही।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी (सीएसए) विश्वविद्यालय में नवागंतुक कुलपति डॉ संजीव गुप्ता ने विश्वविद्यालय स्थित कैलाश भवन प्रेक्षागृह में आयोजित बैठक में विश्वविद्यालय परिवार के शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान क्षमता और प्रसार गतिविधियों को नई दिशा देने की जरूरत पर जोर दिया।
कुलपति ने कहा कि सीएसए की ऐतिहासिक पहचान को पुनः स्थापित करने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों से अपील की कि वे संस्थान को उत्कृष्टता के पथ पर आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय के रिक्त पदों को भरने के लिए शासन से अनुमति मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी, जिससे कार्यक्षमता में सुधार आएगा।
डॉ गुप्ता ने कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने पर विशेष बल देते हुए प्राकृतिक खेती, आधुनिक तकनीकों और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इन उपायों से न केवल कृषि लागत में कमी आएगी, बल्कि संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा और फसल उत्पादकता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय को किसानों से सीधे जुड़कर उनके लिए उपयोगी तकनीक और शोध उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि खेत स्तर पर वास्तविक बदलाव दिखाई दे। प्रसार गतिविधियों को मजबूत कर किसानों तक नई जानकारी पहुंचाना समय की मांग है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक, प्रोफेसर और अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से डॉ सी एल मौर्य, डॉ विजय कुमार यादव, डॉ महक सिंह, डॉ कौशल कुमार, डॉ वी के त्रिपाठी और डॉ मुकेश श्रीवास्तव सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मो0 महमूद

