आवासीय विद्यालयों की जांच में खुली व्यवस्थाओं की पोल, 11 में मिलीं कई खामियां

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आवासीय विद्यालयों की जांच में खुली व्यवस्थाओं की पोल, 11 में मिलीं कई खामियां


बांदा, 24 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा मुख्यालय स्थित बीएल बाल विद्या मंदिर आवासीय विद्यालय में दो बच्चों की संदिग्ध हालत में मौत के बाद जिला प्रशासन ने जिले में संचालित आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं की जांच शुरू कर दी है। जिलाधिकारी बांदा के निर्देश पर जनपद एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों को अलग-अलग आवासीय विद्यालय आवंटित कर औचक निरीक्षण कराया गया। इसी क्रम में 24 अगस्त को अधिकारियों ने जिले के 11 निजी आवासीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई विद्यालयों में बच्चों की सुविधाओं, भोजन व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों में गंभीर कमियां सामने आई हैं।

जांच में दो विद्यालयों

आरबीएस माण्टेशरी पब्लिक स्कूल, सर्वोदय नगर बांदा और चंद्रशेखर पब्लिक स्कूल, तिंदवारी रोड बांदा में आवासीय विद्यालय का संचालन ही नहीं पाया गया।

वहीं तीन विद्यालयों स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल, सर्वोदय नगर बांदा, स्वामी रामकृष्ण परमहंस आवासीय विद्यालय, अतर्रा रोड बबेरू और स्वामी विवेकानंद आवासीय विद्यालय, अतर्रा रोड बबेरू में बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त होने के साथ आवासीय विद्यालय संचालित होते मिले। इसके अलावा छह विद्यालय हरि प्रसाद सिंगरौर आवासीय विद्यालय, औगासी रोड बबेरू, तथागत ज्ञान स्थली पब्लिक स्कूल अतर्रा, बूटूबाई आवासीय विद्यालय ओरन रोड अतर्रा, सर्वोदय इंटर कॉलेज अमलोखर कमासिन, सरस्वती विद्या मंदिर शास्त्री नगर बांदा और महारानी लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज जमालपुर बांदा माध्यमिक शिक्षा से मान्यता प्राप्त पाए गए, जहां आवासीय व्यवस्था संचालित हो रही थी।

कहीं किचन नहीं तो कहीं खाद्यान्न रखने की व्यवस्था नहीं

निरीक्षण के दौरान आवासीय विद्यालयों में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं में कई कमियां सामने आईं। दो विद्यालयों में दैनिक उपयोग की आवश्यक सुविधाओं का अभाव पाया गया। वहीं सात विद्यालयों में बच्चों के भोजन के लिए डायनिंग टेबल, किचेन शेड आदि की उचित व्यवस्था नहीं मिली।

दो विद्यालयों में खाद्यान्न स्टोर की व्यवस्था भी नहीं पाई गई। सर्वोदय इंटर कॉलेज अमलोखर, कमासिन में बच्चों के भोजन के लिए कोई निर्धारित मीनू नहीं मिला।

सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में

जांच में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी खामियां सामने आईं। चार विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे, आवागमन पंजिका और सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था नहीं मिली। इसके अलावा सात विद्यालयों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन के सैंपल की जांच नहीं कराई जाती थी।

जांच में दो विद्यालयों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं कराया जाना पाया गया। जिला अधिकारी अमित आसेरी ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विद्यालयों के प्रबंधकों और संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित करने की बात कही है।

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

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