कानपुर में सरकारी जमीनों से अवैध धार्मिक ढांचे हटाए प्रशासन : कुशल पाल सिंह

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कानपुर में सरकारी जमीनों से अवैध धार्मिक ढांचे हटाए प्रशासन : कुशल पाल सिंह


कानपुर, 25 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के मछरिया, सिविल लाइंस, गदियाना, जाजमऊ समेत करीब 500 इलाकों में सरकारी जमीन पर अवैध मजारें और चर्च बनाए गए हैं, लेकिन प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा। रेलवे समेत कई सरकारी जमीनों को गलत तरीके से वक्फ संपत्ति घोषित किया गया है। सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने और भू माफियाओं पर सख्त कार्रवाई के लिए प्रदेश स्तर पर राजस्व विशेष कार्यबल का गठन होना चाहिए।

यह बातें सोमवार को हिंदू जागरण भूमि अतिक्रमण विरोधी मोर्चा के प्रांत सहसंयोजक कुशल पाल सिंह ने कहीं। इसके पहले शहर में हिन्दू संगठन के पदाधिकारी, अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र एसीएम-7 राम शंकर को सौंपा गया। ज्ञापन में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों, फर्जी प्लॉटिंग और अवैध निर्माणों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की गई।

पत्र में कहा गया कि नजूल, ग्राम समाज, सीलिंग, वक्फ और अन्य सरकारी जमीनों पर वर्षों से अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। कई जगहों पर फर्जी आवंटन, फर्जी विनिमय और कूट रचित अभिलेखों के जरिए सरकारी संपत्तियों पर कब्जा कर कॉलोनियां विकसित की गई हैं। हिन्दू संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि शहर के कई इलाकों में अवैध निर्माण लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे।

संगठन की ओर से मांग की गई कि प्रदेश स्तर पर राजस्व विशेष कार्यबल का गठन कर भू माफियाओं, भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाए। साथ ही तहसील स्तर पर विशेष संयुक्त टीम, भू माफिया नियंत्रण सेल और फास्ट ट्रैक राजस्व कोर्ट बनाए जाएं।

पत्र में सभी सरकारी जमीनों का डिजिटल सर्वे कराने, ग्रामवार अभिलेख तैयार करने और ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। इसके अलावा राजस्व कर्मियों, ग्राम प्रधानों और नगर निकायों के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा भूमाफियाओं से मिलीभगत पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की मांग उठाई गई। इस दौरान हिन्दू संगठन के नेता कुशल पाल सिंह, नीरज श्रीवास्तव, ईशु त्रिपाठी (एडवोकेट), अनुराग त्रिपाठी (एडवोकेट), अमित प्रजापति, पिंकी गौर और रॉबिन सिंह समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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