रिफ्रेशर कोर्स से डॉक्टरों को मिलेगा नई तकनीकों का लाभ : डॉ. अनुराग मेहरोत्रा

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रिफ्रेशर कोर्स से डॉक्टरों को मिलेगा नई तकनीकों का लाभ : डॉ. अनुराग मेहरोत्रा


कानपुर, 29 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद कानपुर में आयोजित होने जा रहा यह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम चिकित्सकों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। इसमें देश के विशेषज्ञ डॉक्टर नई बीमारियों और उनके आधुनिक इलाज पर मार्गदर्शन देंगे। तीन दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में प्रैक्टिस से जुड़े अहम विषय शामिल किए गए हैं। इससे डॉक्टरों को अपने रोजमर्रा के इलाज में नई जानकारी जोड़ने का अवसर मिलेगा। यह बातें बुधवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन – सामान्य चिकित्सक महाविद्यालय (आईएमए सीजीपी) कानपुर के अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा ने कही।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन कॉलेज ऑफ जनरल प्रैक्टिशनर्स कानपुर द्वारा एक मई से तीन मई तक तैंतालीसवां वार्षिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम आईएमए भवन, परेड स्थित नवीन सभागार में होगा। आयोजन का उद्देश्य सामान्य चिकित्सकों को नवीन चिकित्सा तकनीकों, उपचार पद्धतियों और चिकित्सकीय अभ्यास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी देना है।

पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष पाठ्यक्रम की थीम “बेहतर स्वास्थ्य के लिए नवाचारों के साथ देखभाल को जोड़ना” रखी गई है। तीन दिन के इस कार्यक्रम में कुल बाईस वैज्ञानिक सत्र आयोजित होंगे, जिनमें विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सक अपने अनुभव साझा करेंगे। कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को नवीनतम चिकित्सा जानकारी के साथ व्यावहारिक ज्ञान भी दिया जाएगा।

इस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का उद्घाटन दो मई को दोपहर तीन बजे से चार बजे के बीच किया जाएगा। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधानसभा के सभापति सतीश महाना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि विशेष अतिथि के रूप में विधान परिषद सदस्य सलिल विश्नोई शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान कैंसर जैसे गंभीर विषय पर विचार-विमर्श भी आयोजित किया जाएगा, जिससे मरीजों के इलाज में उपयोगी जानकारी सामने आएगी।

आईएमए सीजीपी कानपुर के सहायक निदेशक डॉ. गौरव चावला ने बताया कि इस पाठ्यक्रम को भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद द्वारा अधिकतम छह क्रेडिट अंक प्रदान किए गए हैं, जिससे यह चिकित्सकों के लिए और अधिक उपयोगी बन गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम चिकित्सकों को अद्यतन रहने में मदद करते हैं।

वहीं, सचिव डॉ. शालिनी मोहन ने जानकारी दी कि इस बार प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में आईएमए के वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल होंगे, जिससे कार्यक्रम की गुणवत्ता और बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि विषयों का चयन इस प्रकार किया गया है कि डॉक्टर अपनी दैनिक प्रैक्टिस में सीधे इसका लाभ ले सकें।

आईएमए सीजीपी के सचिव डॉ. शरद दमेले के अनुसार, इस पाठ्यक्रम के लिए अब तक लगभग पाँच सौ चालीस पंजीकरण हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस बार प्रतिभागियों के लिए संवादात्मक सत्र भी रखे गए हैं, जिससे उन्हें बेहतर सीखने का अवसर मिलेगा।

इस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के दौरान हृदय रोग, मधुमेह, संक्रमण, आपात चिकित्सा, कैंसर और अन्य महत्वपूर्ण बीमारियों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चा की जाएगी। आयोजकों का मानना है कि यह कार्यक्रम कानपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों के चिकित्सकों के लिए भी बेहद लाभकारी साबित होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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