आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तीन बूथों पर 26 अक्टूबर को दोबारा मतदान

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लखनऊ, 24 अक्टूबर (हि.स.)। भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद के खण्ड स्नातक के 05 एवं खण्ड शिक्षक के 06 निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के अंतर्गत आगरा खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तीन मतदेय स्थलों पर 26 अक्टूबर (सोमवार) को पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया है। इन मतदेय स्थलों पर 23 अक्टूबर को हुए मतदान को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58A(2)(a) के अंतर्गत शून्य घोषित किया गया है। यह जानकारी शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने दी।

उन्होंने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार आगरा खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के निम्नलिखित तीन मतदेय स्थलों पर पुनर्मतदान कराया जाएगा—

1. मतदेय स्थल संख्या-20: तहसील कैम्पस, खेरागढ़, कक्ष संख्या-1।

2. मतदेय स्थल संख्या-21: क्षेत्र पंचायत कार्यालय, सैंया, कक्ष संख्या-1।

3. मतदेय स्थल संख्या-26: क्षेत्र पंचायत कार्यालय, फतेहाबाद, कक्ष संख्या-1।

इन तीनों मतदेय स्थलों पर पुनर्मतदान 26 अक्टूबर को प्रातः 8:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक संपन्न कराया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग ने पुनर्मतदान के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करने तथा निर्वाचन लड़ने वाले उम्मीदवारों, मीडिया, आयोग के प्रेक्षक और अन्य संबंधित अधिकारियों एवं व्यक्तियों को पुनर्मतदान के कार्यक्रम की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।

आगे उन्होंने बताया कि आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन व्यक्तियों की अवैध गतिविधियों अथवा अनियमितताओं के कारण पुनर्मतदान की स्थिति उत्पन्न हुई है, उन्हें पुनर्मतदान की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी। पुनर्मतदान के दौरान मतदाताओं के दाहिने हाथ की तर्जनी पर अमिट स्याही लगाई जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार पुनर्मतदान से संबंधित प्रकरण में जिम्मेदार व्यक्तियों, जिनमें पुलिस एवं मतदान कार्मिक भी शामिल हैं, का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। इस संबंध में मंडलायुक्त, आगरा द्वारा तत्काल जांच कराते हुए रिपोर्ट 25 अक्टूबर, 2026 तक भारत निर्वाचन आयोग को प्रेषित की जानी है।

उन्होंने बताया कि उक्त तीनों मतदेय स्थलों पर पुनर्मतदान सफलतापूर्वक संपन्न होने के पश्चात मतगणना प्रारंभ करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग से निर्धारित प्रारूप पर अनुमति प्राप्त की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप पुनर्मतदान की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने तथा मतदान को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

Livevns.news Desk
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