बाल गृह की बेटियों के हुनर से सजा रक्षाबंधन, हाथों से तैयार कीं राखियां : जिलाधिकारी

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बाल गृह की बेटियों के हुनर से सजा रक्षाबंधन, हाथों से तैयार कीं राखियां : जिलाधिकारी


कानपुर, 24 अगस्त (हि.स.)। बाल गृह की बेटियों को कौशल प्रशिक्षण देकर उनके हुनर को निखारने और भविष्य में उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उनके हाथों से तैयार राखियां और रोली-चावल की पोटलियां इस प्रयास का उदाहरण हैं। यह बातें सोमवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने हस्तनिर्मित राखियों के विशेष स्टॉल के अवसर पर कहीं।

रक्षाबंधन के अवसर पर राजकीय बाल गृह यूनिट-1 एवं यूनिट-2 की बालिकाओं ने अपने हाथों से आकर्षक राखियां और रोली-चावल की पोटलियां तैयार की हैं। सोमवार को इन हस्तनिर्मित राखियों का विशेष स्टॉल कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में लगाया गया।

अचिन्त्य चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा संचालित कौशल विकास कार्यक्रम के तहत बाल गृह की बालिकाओं को प्रोफेशनल एम्ब्रॉयडरी के साथ सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम का प्रायोजन फाउंडेशन की ओर से किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान सीखे हुनर का इस्तेमाल करते हुए बालिकाओं ने रक्षाबंधन के लिए राखियां तैयार कीं। इसके साथ ही रोली और चावल रखने के लिए आकर्षक पोटलियां भी बनाई गई हैं।

जिला प्रशासन की ओर से कौशल विकास कार्यक्रम को सहयोग दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य बालिकाओं को ऐसी व्यावहारिक दक्षता उपलब्ध कराना है, जिसका उपयोग वे भविष्य में आजीविका के लिए कर सकें। राखियां तैयार करने की गतिविधि के माध्यम से बालिकाओं में रचनात्मकता और आत्मविश्वास विकसित करने का भी प्रयास किया गया।

राजकीय बाल गृह यूनिट-1 एवं यूनिट-2 में बालिकाओं के साथ रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा। इस दौरान बालिकाओं द्वारा स्वयं तैयार की गई राखियों का उपयोग किया जाएगा।

इस अवसर पर अचिन्त्य चैरिटेबल फाउंडेशन की निदेशक दिशा अरोड़ा भी मौजूद रहीं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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