राज्य सूचना आयुक्त डॉ. दिलीप अग्निहोत्री ने काशी विश्वनाथ धाम में किया दर्शन-पूजन

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राज्य सूचना आयुक्त डॉ. दिलीप अग्निहोत्री ने काशी विश्वनाथ धाम में किया दर्शन-पूजन


बोले—सारनाथ यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हुआ,उत्तर प्रदेश के लिए गौरव की बात

वाराणसी,26 जुलाई (हि.स.)। राज्य सूचना आयुक्त डॉ. दिलीप अग्निहोत्री ने रविवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में हाजिरी लगाई। मंदिर में विधि विधान से दर्शन के बाद राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि काशी विश्व की प्राचीनतम नगरी है। इसके गौरव के अनुरूप ही भव्य नव्य काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि काशी का समग्र विकास किया जा रहा है। राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि काशी में हजारों करोड़ रुपए की विकास योजनाएं संचालित हैं। वर्ष 2014 से अब तक 36,210 करोड़ रुपये की लागत से 536 परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं, जबकि 25,007 करोड़ रुपये की लागत वाली 191 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने इसी माह यहां समीक्षा बैठक की थी। उन्होंने रोप वे परियोजना को समय पर पूरा करने,जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाने, अंडरग्राउंड केबलिंग के बाद सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने, दालमंडी सड़क चौड़ीकरण,नई टाउनशिप, यूनिटी मॉल और अन्य विकास परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए थे। सरकार की मंशा रहती है कि सभी योजनाएं गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूर्ण हों। इसमें भी जन सूचना अधिकारियों को अपनी भूमिका का निर्वाह करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि सारनाथ यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हुआ है। सारनाथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है तथा यह उपलब्धि देश की विरासत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने वाली है। उन्होंने बताया कि जन सूचना अधिकारी भी सरकारी मशीनरी के अंग हैं। उनको जन सूचना के माध्यम से आवेदकों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

—राज्य सूचना आयुक्त से मिले श्री काशी विश्वनाथ धाम के सीईओ

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन -पूजन के लिए आए राज्य सूचना आयुक्त डॉ. दिलीप अग्निहोत्री से काशी विश्वनाथ धाम के मुख्य कार्य पालक अधिकारी डॉ. विश्वभूषण मिश्र ने सर्किट हाउस में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने अपनी पुस्तक ग्लोबल सनातन के विषय में चर्चा की। राज्य सूचना आयुक्त ने उनके लेखन और मुख्य कार्यपालक के रूप में उनके कार्यों को सराहनीय बताया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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