चारों श्रमिक कोड बिल मजदूरों की गुलामी के दस्तावेज : मनोज पांडेय

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चारों श्रमिक कोड बिल मजदूरों की गुलामी के दस्तावेज : मनोज पांडेय


--रेलवे कर्मचारियों ने मनाया काला दिवस

प्रयागराज, 01 अप्रैल (हि.स.)। केंद्रीय ट्रेंड यूनियंस और इंडियन रेलवे इम्पलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय आह्वान पर बुधवार को भारतीय रेलवे से सभी जोनो-उत्पादन इकाइयो में न्यू पेन्शन स्कीम, चार श्रम संहिंता और निजीकरण-निगमीकरण का ज़ोरदार विरोध कर प्रदर्शन किया गया।

उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मण्डल में नार्थ सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन के नेतृत्व रेलवे कर्मचारियों ने प्रयागराज जंक्शन हावड़ा इंड पर न्यू पेंशन स्कीम (ओपीएस) एवं चारों श्रमिक कोड बिल के विरोध में शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीक़े से बांह में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।

इंडियन रेलवे इम्पलाइज फेडरेशन आईआरईएम नार्थ सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन एनसीआरडब्लूयू केंद्रीय महामंत्री कॉमरेड मनोज पाण्डेय ने सम्बोधित करते हुए कहा कि चारो श्रमिक कोड़ बिल आधुनिक ग़ुलामी के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा वर्षों के संघर्ष और शहादत के बाद जो कानून मजदूरों के हित में बनाए गए थे, उन्हें देश बेचवा सरकार कारपोरेट घरानों के पक्ष में खत्म करके चार श्रमिक कोड़ बिल 2020 बनाई है। इन चारों श्रम संहिता जिसे आज से देश भर में लागू किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि, इनमें 1-औद्योगिक संबंध संहिता 2020, 2-व्यवसायिक संरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता 2020, 3-सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020, 4-वेतन संहिता 2020 का हम विरोध करते हैं। मनोज ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए न्यू पेन्शन स्कीम (एनपीएस) आत्मघाती योजना है। इसलिए संगठन इसका विरोध करता है और पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) लागू होने तक आन्दोलन के लिए प्रतिबद्ध है।

इंडियन रेलवे इम्पलाइज फेडरेशन व नार्थ सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन के केंद्रीय संगठन मंत्री डॉ कमल उसरी ने कहा कि पूर्व में मजदूरों कर्मचारियों के हित के लिए जो कानून बनाए गए थे उनमें से 29 केंद्रीय कानूनो का स्वतंत्र अस्तित्व स्वतः समाप्त हो गया। शेष 15 कानूनों में बदलाव किया है। यानी अब तक जो 44 श्रमिक कानून लागू थे खत्म हो गए हैं। मुख्य रूप अब मजदूरों के सामान्य कार्य दिवस 10 से 12 घण्टे अथवा कुछ भी हो सकते हैं। अब श्रम विभाग के निरीक्षक की भूमिका सिर्फ मददकर्ता अथवा फेसिलेटर तक़ सीमित कर दी गई है। सामाजिक सुरक्षा में कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ़) में योगदान को 12ः से घटाकर 10ः कर दिया गया है। लेकिन हम लोग सरकार की तानाशाही रवैये के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे।

विरोध प्रदर्शन का संचालन नार्थ सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन के केंद्रीय सहायक महामंत्री शिवेंद्र प्रताप सिंह ने और अध्यक्षता नार्थ सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री संजय तिवारी ने किया। विरोध प्रदर्शन में मनोज पाण्डेय, डॉ कमल उसरी, संजय तिवारी, सुधा देवी जोनल अध्यक्ष महिला मोर्चा, शिवेंद्र प्रताप सिंह, सैय्यद इरफ़ात अली, संदीप सिंह, दीपक कुमार, सुनील गुप्ता, गोपाल शर्मा, नितिन कुमार, राजू यादव, पीएन सिंह, पीयूष सोनी, सिद्धार्थ शर्मा, इफ़्तेख़ार अहमद, राजकुमार, सुनील आर्यन आदि मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

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