कानपुर आईएमए रिफ्रेशर कोर्स में अंगदान नियम सरल करने पर जोर
कानपुर, 02 मई (हि.स.)। चिकित्सा विज्ञान तेजी से बदल रहा है और डॉक्टरों को भी उसी गति से स्वयं को अपडेट रखना जरूरी है, नई तकनीकों का लाभ हर हाल में आम जनता तक पहुंचना चाहिए। इलाज को सरल और प्रभावी बनाने के लिए नियमों में सुधार की आवश्यकता है। अंगदान जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को आसान बनाने पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और इस विषय पर जल्द ही विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। यह बातें शनिवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कही
कानपुर में आयोजित आईएमए सीजीपी रिफ्रेशर कोर्स में देश के विभिन्न हिस्सों से आए वरिष्ठ डॉक्टरों ने भाग लिया। मुंबई, नई दिल्ली, विशाखापत्तनम और लखनऊ जैसे शहरों से पहुंचे विशेषज्ञों ने चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे तेजी से बदलावों पर विस्तार से चर्चा की। सत्रों में कार्डियोलॉजी, डायबिटीज, न्यूरो रेडियोलॉजी, नेत्र रोग और कार्डियोथोरेसिक सर्जरी जैसे जटिल विषयों पर व्यावहारिक अनुभव साझा किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सकों को आधुनिक तकनीकों और नए उपचार तरीकों से अवगत कराना था ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
कार्यक्रम के दौरान अंगदान की प्रक्रिया को लेकर चिकित्सकों ने गंभीर चिंता जताई। विशेषज्ञों ने बताया कि मौजूदा नियमों की जटिलता के कारण कई बार जरूरतमंद मरीजों को समय पर अंग उपलब्ध नहीं हो पाते, जिससे उपचार में देरी होती है। इस मुद्दे पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि वह जल्द ही इस विषय पर उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि यदि नियमों को सरल और व्यावहारिक बनाया जाए तो अंगदान की प्रक्रिया तेज हो सकती है और कई मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
रिफ्रेशर कोर्स में केवल अकादमिक सत्र ही नहीं बल्कि व्यावहारिक चिकित्सा अनुभवों का भी आदान-प्रदान हुआ। डॉक्टरों ने आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के उपयोग और अस्पतालों में आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से विचार साझा किए। कार्यक्रम के अंत में आईएमए कानपुर की ओर से एक विशेष स्मारिका का विमोचन किया गया, जिसमें पूरे वर्ष की चिकित्सा और सामाजिक गतिविधियों का विस्तृत विवरण संकलित किया गया है।
सचिव डॉ शालिनी मोहन ने बताया कि यह स्मारिका भविष्य में चिकित्सकों के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज के रूप में उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि इसमें सालभर की गतिविधियों और विशेषज्ञों के अनुभवों को विस्तार से संजोया गया है, जिससे आने वाले समय में चिकित्सा क्षेत्र को दिशा मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

