फर्जी सत्यापन प्रमाण पत्र जारी करने पर जनसूचना अधिकारी ने दर्ज कराई एफआईआर

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मथुरा, 04 फरवरी(हि.स.)। मथुरा जिला सूचना अधिकारी कार्यालय में फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी कार्यों में अनियमितता और जालसाजी का मामला बुधवार काे सामने आया है। मामले में आउटसोर्सिंग कर्मी कंप्यूटर ऑपरेटर नारायण सिंह के विरुद्ध सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी प्रशांत सुचारी ने एफआईआर दर्ज कराई है। अब पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयासों में जुटी है।

मिली जानकारी के अनुसार सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा मथुरा में विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों, उत्सवों और योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु पंजीकृत एजेंसियों के माध्यम से होर्डिंग, एलईडी वैन और एलईडी स्क्रीन आदि का उपयोग किया जाता है। प्रचार कार्य पूर्ण होने के बाद कार्य सत्यापन प्रमाण पत्र के आधार पर मुख्यालय स्तर से भुगतान की प्रक्रिया होती है। मुख्यालय भेजे गए एक कार्य सत्यापन प्रमाण पत्र की फोटो की जांच में यह सामने आया कि प्रमाण पत्र पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी थे। जांच में पाया गया कि प्रमाण पत्र में दशार्या गया कार्यालयीय डिस्पैच नंबर और रजिस्टर प्रविष्टि भी फर्जी है। आंतरिक जांच और संबंधित फर्मों से संपर्क करने पर खुलासा हुआ कि उक्त प्रमाण पत्र कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा फर्जी हस्ताक्षर, मोहर और दस्तावेज तैयार कर जारी कराया गया था। जांच के दौरान वर्ष 2021 से अब तक कई अन्य सत्यापन प्रमाण पत्रों की छायाप्रति मंगाई गई, जिनमें पांच प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। सरकारी कार्यों में अनियमितता, धोखाधड़ी और जालसाजी को लेकर थाना सदर बाजार में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिला सूचना अधिकारी ने बताया कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार

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