मैकेनिकों को नई तकनीक और सेंसर आधारित सिस्टम की जानकारी होना जरूरी : अजय कुमार सविता
कानपुर, 04 अक्टूबर (हि.स.)। बीएस-6 वाहनों की बढ़ती तकनीकी जटिलताओं को देखते हुए मैकेनिकों को नई तकनीक और सेंसर आधारित सिस्टम की जानकारी होना जरूरी है। प्रशिक्षण के माध्यम से मैकेनिक आधुनिक वाहनों की खराबी को बेहतर ढंग से समझकर उसका समाधान कर सकते हैं। यह बातें वंडर मैकेनिक अजय कुमार सविता ने रविवार को अंध विद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित बीएस-6 ट्रेनिंग कार्यक्रम के दौरान कहीं।
कानपुर में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आठ राज्यों से नौ सौ से अधिक मैकेनिक और गैरेज संचालक शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य दोपहिया वाहनों में इस्तेमाल हो रही बीएस-6 तकनीक, ईएफआई सिस्टम और सेंसर आधारित इंजन की कार्यप्रणाली से मैकेनिकों को परिचित कराना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बीएस-6 वाहनों में आने वाली तकनीकी खराबियों की पहचान करने, इंजन की जांच और समस्या का उचित समाधान करने के आधुनिक तरीकों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही उन्हें प्रायोगिक तौर पर तकनीकी बारीकियां भी समझाई गईं, जिससे वे बदलती ऑटोमोबाइल तकनीक के अनुरूप अपने काम को और बेहतर कर सकें।
अजय कुमार सविता को 'वंडर मैकेनिक' के नाम से जाना जाता है। उनकी खासियत है कि वे आंखों पर काली पट्टी बांधकर भी दोपहिया वाहन के इंजन को खोलने और उसे दोबारा सटीक तरीके से असेंबल करने का प्रदर्शन कर चुके हैं। इसी हुनर के कारण उन्हें ऑटोमोबाइल क्षेत्र में अलग पहचान मिली है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में महेन्दर पाल सिंह, राकेश बाइक और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशिक्षण के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। दूर-दराज से पहुंचे मैकेनिकों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि बीएस-6 वाहनों की आधुनिक तकनीक को समझने में इससे उन्हें काफी मदद मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

