मुरादाबाद : गुड फ्राईडे पर चर्चों में की गईं प्रार्थनाएं, क्वायर्स ने गीत गाकर प्रभु यीशु को किया नमन

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मुरादाबाद : गुड फ्राईडे पर चर्चों में की गईं प्रार्थनाएं, क्वायर्स ने गीत गाकर प्रभु यीशु को किया नमन


मुरादाबाद, 03 मार्च (हि.स.)। मुरादाबाद महानगर में शुक्रवार को चर्चों में गुड फ्राईडे पर प्रार्थनाएं की गईं। क्वायर्स ने गीत गाकर प्रभु यीशु को नमन किया। इस दौरान क्रूस पर प्रभु द्वारा कहे गए सात वचनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

पीलीकोठी स्थित फिलिप्स मैमोरियल मैथोडिस्ट चर्च में गुड फ्राइडे की आराधना कराई गई। आराधना का संचालन रेव्ह अनिलसी लाल द्वारा किया गया। बाईबल पाठ सुमित विल्सन द्वारा किया गया। प्रार्थना अपर्णा मैनसल द्वारा की गई। चर्च क्वायर द्वारा दो मधुर गीतों “ कुर्बा हुआ, कुर्बा हुआ ....मेरे लिये “ तथा “मेरे गुनाह धुल गए, तेरे लहू की धार से“ को गाया गया │ गुड फ्राइडे के दिन प्रभु येशु ने सारे संसार के पापों को अपने ऊपर लेकर क्रूस पर अपने प्राणों को परमेश्वर पिता के हाथों मे सौंप दिया था ,और अपने जीवन को मानव जाति के उद्धार के लिए बलिदान कर दिया था।

क्रूस पर उनके द्वारा कहे गए अंतिम सात वचनों को विभिन्न वक्ताओं द्वारा समझाया गया : पहले वचन में रेव्ह अनिल सी लाल ने कहा कि हे पिता इन्हें क्षमा कर ,क्यूंकि ये नहीं जानते कि क्या कर रहे हैं..., दूसरे वचन मे बैनहर एंथनी ने कहा कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा..., तीसरे वचन में कुसुम सिंह ने कहा कि हे नारी देख ये तेरा पुत्र है...., चौथे वचन में रेव्ह रोहित मैसी ने कहा कि हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तूने मुझे क्यों छोड़ दिया..., पांचवें वचन में जॉनसन जेम्स ने कहा मैं प्यासा हूँ..., छठे वचन में मेजर एस के नेथन ने कहा कि पूरा हुआ..., सातवें वचन में रेव्ह ब्रिजेश मैनसल ने कहा हे पिता, मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूँ ...।

वक्ताओं ने इन सातों वचनों के द्वारा प्रकाश डाला कि किस प्रकार क्रूस पर लटकाने के बाद भी प्रभु येशु उन लोगों के लिए पिता से क्षमा मांग रहे हैं जिन्होंने उनको क्रूस पर लटकाया ,और एक अन्य व्यक्ति जिसको उनके साथ क्रूस पर लटकाया गया था जो कि अपराधी था, उसके द्वारा अपने पापों के अंगीकार करने पर उसको स्वर्गलोक का आश्वासन दिया ,खुद को एक मनुष्य के रूप में भी प्रस्तुत करते हुए सांसारिक रिश्तों पर भी ध्यान दिया तथा अपनी प्यास को उन पर ज़ाहिर किया ,अंत मे ये कहते हुए कि जो कार्य करने के लिए इस संसार मे आये थे, वह पूरा हुआ। वे कहते हैं कि हे पिता मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों मे सौंपता हूँ। आराधना के अंत में आशीष वचन रेव्ह ब्रिजेश मैनसल द्वारा दिये गए। आराधना में राजीव सिंह ,अभिषेक विल्सन ,अंतिम सिंह ,नीरज एडवर्ड, प्रिंस आदि का सहयोग रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल

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