उत्तर मध्य रेलवे की बड़ी उपलब्धि, झांसी वैगन मरम्मत कारखाने को मिला ग्रीनको गोल्ड रेटिंग सम्मान
प्रयागराज, 21 जुलाई (हि.स.)। पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और संसाधनों के सतत उपयोग के क्षेत्र में उत्तर मध्य रेलवे ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने वैगन मरम्मत कारखाना, झाँसी को प्रतिष्ठित 'ग्रीनको गोल्ड रेटिंग' से सम्मानित किया है। इसके साथ ही झाँसी स्थित यह कारखाना उत्तर मध्य रेलवे का पहला और एकमात्र कारखाना बन गया है, जिसे यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ है। यह जानकारी मंगलवार को उमरे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने दी।
उन्होंने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित विशेष समारोह में प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता अनिल कुमार द्विवेदी ने ग्रीनको गोल्ड रेटिंग का प्रमाण-पत्र महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह को सभी प्रधान विभागाध्यक्षों की उपस्थिति में समर्पित किया। इस अवसर पर अनिल कुमार द्विवेदी ने ग्रीनको मूल्यांकन प्रक्रिया तथा कारखाने द्वारा अपनाई गई पर्यावरणीय पहलों की विस्तृत जानकारी दी।
महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान वैगन मरम्मत कारखाना, झाँसी की सतत विनिर्माण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि 'हरित भारतीय रेल' की परिकल्पना को साकार करने के साथ-साथ भारत सरकार के नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। उन्होंने कहा कि इस प्रमाणन से पर्यावरण संरक्षण के प्रति रेलवे की प्रतिबद्धता और अधिक सुदृढ़ होगी तथा सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए नई प्रेरणा मिलेगी।
ग्रीनको रेटिंग के अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों का मूल्यांकन ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी, अपशिष्ट प्रबंधन, सामग्री संरक्षण एवं पुनर्चक्रण, हरित आपूर्ति श्रृंखला तथा हरित अवसंरचना जैसे कठोर मानकों पर किया जाता है।
इस उपलब्धि के पीछे झाँसी वैगन मरम्मत कारखाने की कई अभिनव पहलें प्रमुख आधार रहीं। कारखाने में 5 मेगावाट क्षमता का रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है, जो भारतीय रेल के सभी कारखानों और उत्पादन इकाइयों में सर्वाधिक क्षमता वाला संयंत्र है। वर्तमान में कारखाने की 80 से 85 प्रतिशत विद्युत आवश्यकता इसी सौर ऊर्जा से पूरी की जा रही है।
कारखाने ने वर्षा जल संचयन की प्रभावी व्यवस्था विकसित कर भूजल के शून्य उपयोग का लक्ष्य भी प्राप्त किया है। इसके अलावा परिसर में 5,000 से अधिक वृक्षारोपण तथा हेरिटेज पार्क का विकास कर हरित वातावरण तैयार किया गया है। तकनीकी क्षेत्र में प्लाज़्मा कटिंग, स्वचालित ग्रीस फिलिंग मशीन, सीबीसी लॉक इंडिकेटर प्रणाली, डिजिटल क्रय प्रणाली और सौर ऊर्जा संचालित गार्ड वैन जैसी आधुनिक तकनीकों को सफलतापूर्वक अपनाया गया है।
बैठक में उत्तर मध्य रेलवे के तीनों मंडलों के मंडल रेल प्रबंधक तथा वैगन मरम्मत कारखाना, झाँसी के मुख्य कारखाना प्रबंधक अजय श्रीवास्तव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे। यह उपलब्धि उत्तर मध्य रेलवे के पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और सतत विकास के प्रति निरंतर बढ़ते संकल्प को दर्शाती है।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

