गरीब दुकानदारों को उजाड़ने से पहले किया जाए पुनर्वास : उज्ज्वल रमण सिंह
प्रयागराज, 13 जुलाई (हि.स.)। टीसीआई गेट, महेवा के समीप मुख्य सड़क के दोनों ओर सड़क चौड़ीकरण के नाम पर चल रही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का मामला तूल पकड़ने लगा है। इलाहाबाद लोकसभा क्षेत्र के सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए जिलाधिकारी को पत्र भेजकर ध्वस्तीकरण तत्काल रोकने तथा प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास की मांग की है। सोमवार को सांसद की ओर से उनके प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने जिलाधिकारी को यह पत्र सौंपा।
सांसद ने अपने पत्र में कहा है कि वर्तमान में की जा रही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई न्यायोचित नहीं है। जिन दुकानों को हटाया जा रहा है, वे पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से संचालित हैं। दुकानदार विधिसम्मत ढंग से अपना व्यवसाय कर रहे हैं तथा नियमित रूप से विद्युत बिल सहित अन्य देयकों का भुगतान भी करते रहे हैं।
उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि प्रभावित होने वाले अधिकांश दुकानदार अनुसूचित जाति वर्ग के गरीब एवं छोटे व्यवसायी हैं, जिनकी आजीविका का एकमात्र साधन यही दुकानें हैं। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानों को हटाए जाने से इन परिवारों के समक्ष आजीविका का गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा।
सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि यदि सड़क चौड़ीकरण के लिए दुकानों को हटाना अपरिहार्य हो, तो मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए ध्वस्तीकरण से पूर्व सभी प्रभावित दुकानदारों का उचित स्थान पर पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर गरीब परिवारों की आजीविका की रक्षा करने की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि विकास कार्य आवश्यक हैं, किंतु विकास की कीमत गरीबों की रोजी-रोटी छीनकर नहीं चुकाई जानी चाहिए। प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

