प्रतापगढ़ में वन विभाग के अभिनव प्रयोग से सई नदी को बनाया जाएगा प्रदूषण मुक्त
प्रतापगढ़, 25 फ़रवरी (हि.स.)। सामाजिक वानिकी वन एवं वन्य जीव प्रभाग के जिला गंगा समिति पर्यावरण समिति द्वारा बुधवार को माँ बेल्हा देवी सई नदी के तट पर नदी की स्वच्छता को लेकर अनोखी पहल शुरू की गई है। जिसमें प्लास्टिक बोतलों से निर्मित प्रोटोटाइप वेस्ट कलेक्शन फ्लोटिंग बैरियर को सई नदी में बेल्हा देवी मंदिर के पास सफलता पूर्वक स्थापित किया गया, जो नदी के प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।
यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत प्रभागीय निर्देशक कार्यालय की टीम द्वारा संचालित किया गया। इस पहल के अंतर्गत प्लास्टिक बोतलों को रस्सी, प्लास्टिक जाल व बांस की सहायता से श्रृंखला के रूप में जोड़ा गया है जो नदी के बहाव में तैरते कचरे को एकत्रित करता है। फूलों और अन्य जैविक अपशिष्टों को भी प्रभावी ढंग से एकत्र करने में सक्षम है। यह संरचना बांस के मजबूत ढांचे पर आधारित है, जो लागत प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल है। बेल्हा देवी मंदिर जो सई नदी तट पर स्थित ऐतिहासिक शक्तिपीठ है. भक्तों की भारी संख्या के कारण विशेष रूप से प्रभावित होता है।
भगवान राम द्वारा पूजित मानी जाने वाली इस देवी स्थली पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आते हैं, जिनके फूल चढ़ाने से नदी में अपशिष्ट बढ़ जाता है। यह फ्लोटिंग बैरियर नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने में कारगर साबित हो सकता है। प्लास्टिक बोतलें जो स्वयं कचरा हैं, उनका पुनः उपयोग कर नया कचरा एकत्रित करना दोहरा लाभ प्रदान करता है। इससे नदी जल की गुणवत्ता सुधरेगी एवं जलीय जीवों का संरक्षण होगा।
प्रभागीय निदेशक आशुतोष गुप्ता ने बताया कि यह प्रतापगढ़ वन एवं पर्यावरण विभाग की पहल है जो तकनीकी ज्ञान के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़ती है। आने वाले समय में इसे अन्य नदियों पर विस्तारित करने की योजना है। वन विभाग अब इस प्रोटोटाइप के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेगा। यदि सफल रहा तो पूर्ण रूप से कार्यान्वित कर सई नदी को प्रदूषण मुक्त बनाया जाएगा। जन जागरूकता अभियान चलाकर भक्तों को प्लास्टिक मुक्त पूजा के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
केंद्र सरकार की नमामि गंगे जल शक्ति मंत्रालय योजना से प्रेरित यह कदम सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक बनेगा। स्थापना के दौरान प्रभागीय निदेशक के नेतृत्व में डॉ लक्ष्मीकांत त्रिवेदी पर्यावरणविद, डॉ गौरी शंकर बायोलाजिस्ट, डॉ रूपेंद्र यादव टैक्सोनोनिस्ट, शिवम यादव जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे, आलोक शुक्ला सचिव युवा समाजिक सेवा संस्थान व वन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / दीपेन्द्र तिवारी

