व्यावहारिक कार्यशालाएं छात्रों को मीडिया की वास्तविक चुनौतियों के लिए करती हैं तैयार : डॉ. दिवाकर अवस्थी

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व्यावहारिक कार्यशालाएं छात्रों को मीडिया की वास्तविक चुनौतियों के लिए करती हैं तैयार : डॉ. दिवाकर अवस्थी


कानपुर, 31 जुलाई (हि.स.)। पत्रकारिता के छात्रों के सर्वांगीण व्यक्तित्व और कौशल विकास के लिए व्यावहारिक कार्यशालाएं बेहद जरूरी हैं। ऐसे प्रशिक्षण से विद्यार्थी मीडिया की वास्तविक चुनौतियों को समझते हैं और भविष्य के लिए खुद को बेहतर तरीके से तैयार कर पाते हैं। यह बातें शुक्रवार को पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर अवस्थी ने कहीं।

छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में स्नातक एवं परास्नातक के विद्यार्थियों के लिए दो विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। कार्यशालाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों के संचार कौशल, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और व्यावहारिक दक्षता को विकसित करना रहा, ताकि वे मीडिया उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।

संचार कौशल आधारित कार्यशाला में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने ब्रेकिंग न्यूज तैयार करने, विभिन्न समाचार एंकरों, अभिनेताओं, राजनेताओं और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की शैली में समाचार प्रस्तुत करने तथा भविष्य से लाइव रिपोर्टिंग जैसी रचनात्मक गतिविधियों में भाग लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों ने अपनी भाषा, प्रस्तुतीकरण क्षमता, त्वरित निर्णय लेने की योग्यता और रचनात्मक सोच का प्रदर्शन किया।

दूसरी कार्यशाला टीवी प्रोडक्शन विषय पर आयोजित की गई, जिसमें अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने टीवी समाचार निर्माण की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। दिल्ली से आई प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस श्वेता अरोरा ने स्क्रिप्टिंग, शूटिंग, एंकरिंग, पैकेजिंग और लाइव रिपोर्टिंग सहित टीवी न्यूज प्रोडक्शन की विभिन्न तकनीकों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। कार्यशाला का संयोजन डॉ. ओमशंकर गुप्ता एवं सागर कनौजिया ने किया।

संचार कौशल आधारित कार्यशाला का संयोजन डॉ. होइमावती तालुकदार एवं शोध छात्रा मुक्ति गुप्ता ने किया। डॉ. होइमावती तालुकदार ने कहा कि मीडिया में सफल करियर के लिए छात्रों को अलग-अलग भूमिकाएं निभाने का अनुभव होना चाहिए और प्रभावी संचार कौशल इस क्षेत्र की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान विभाग के सह आचार्य डॉ. योगेंद्र पाण्डेय, डॉ. जितेन्द्र डबराल, डॉ. रश्मि गौतम, डॉ. हरिओम कुमार तथा प्रेम किशोर शुक्ला सहित विभाग के शिक्षक उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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