शांति और स्थिरता ही पर्यावरण संरक्षण का सबसे प्रभावी मार्ग : डॉ अंसारी

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शांति और स्थिरता ही पर्यावरण संरक्षण का सबसे प्रभावी मार्ग : डॉ अंसारी


--प्रो. आर. मिश्रा मेमोरियल व्याख्यानमाला का आयोजन

प्रयागराज, 30 मार्च (हि.स.)। भा.वा.अ.शि.प.-पारिस्थितिक पुनर्स्थापन केन्द्र प्रयागराज द्वारा सोमवार को प्रो. रामदेव मिश्रा मेमोरियल व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। जिसका शुभारम्भ भारतीय पारिस्थितिकी के जनक प्रो. रामदेव मिश्रा के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त वैज्ञानिक एवं पूर्व निदेशक, वन उत्पादकता संस्थान रांची के डॉ. शमीम अख्तर अंसारी ने ’युद्ध, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी विनाश’ विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि युद्ध केवल मानवीय त्रासदी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है। आधुनिक युद्धों में प्रयुक्त रासायनिक हथियार, विस्फोटक और भारी सैन्य गतिविधियां वायु, जल और मिट्टी को प्रदूषित कर रही हैं। इससे जैव विविधता पर गहरा प्रभाव पड़ता है और अनेक प्रजातियां विलुप्ति के कगार पर पहुंच जाती हैं। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त नीतियों और समझौतों की आवश्यकता है। पर्यावरण संरक्षण को युद्ध रणनीतियों का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाना चाहिए, जिससे भविष्य में होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। शांति और स्थिरता ही पर्यावरण संरक्षण का सबसे प्रभावी मार्ग है।

केन्द्र प्रमुख डॉ. संजय सिंह ने कहा कि प्रो. आर. मिश्रा मेमोरियल व्याख्यानमाला एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल है, जिसका उद्देश्य ज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में विशेषतः पर्यावरणीय तथा पारिस्थितिक विषयों पर विचार-विमर्श को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत देश-विदेश के प्रख्यात विद्वानों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाता है, जो अपने अनुभव और शोध के आधार पर महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डालते हैं। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों और शोधार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक होता है, बल्कि शिक्षकों और आम जनमानस को भी नई दृष्टि प्रदान करता है।

केन्द्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनुभा श्रीवास्तव ने प्रो. आर. मिश्रा मेमोरियल व्याख्यानमाला श्रृंखला पर प्रकाश डालते हुए बताया कि केन्द्र द्वारा वर्ष 2020 से निरंतर इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक आलोक यादव ने प्रो. आर. मिश्रा के शोध कार्य, अनुभव तथा जीवन वृत्त को प्रस्तुत किया। केन्द्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कुमुद दूबे ने मुख्य वक्ता का परिचय दिया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि डॉ. विनय रंजन, निदेशक, बी एस आई प्रयागराज तथा संतोष शुक्ला अधिशासी सचिव, नासी, प्रयागराज ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

मीडिया प्रभारी अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि व्याख्यानमाला में उपस्थित प्रतिभागियों ने वैज्ञानिकों से संवाद भी स्थापित किया। कार्यक्रम का संचालन केन्द्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनुभा श्रीवास्तव ने तथा केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक आलोक यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में इविवि के असि. प्रोफेसर डॉ. पंकज श्रीवास्तव, बी.एस.आई के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संजय मिश्रा, डॉ. भीमलिंगप्पा, डॉ. सी. मुरुगन, डॉ. मुत्थू कुमार तथा डॉ. नीलिमा आदि ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में केन्द्र के विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी आदि के साथ विभिन्न शोध छात्र एवं अन्य 50 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

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