आलू किसानों का संकट टला, शीतगृह संचालकों को अमोनिया गैस की आपूर्ति के आदेश

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आलू किसानों का संकट टला, शीतगृह संचालकों को अमोनिया गैस की आपूर्ति के आदेश


लखनऊ, 20 मार्च (हि.स.)। केन्द्र सरकार ने शीतगृहों को अमोनिया गैस की सप्लाई ठप होने से किसानों को आलू स्टोरेज में आ रही समस्या का निदान कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने शुक्रवार को गौतमपल्ली स्थित अपने आवास पर आलू के भंडारण व विपणन के संबंध में पत्रकारवार्ता कर बताया कि शीतगृहों को अमोनिया गैस की सप्लाई का आदेश जारी कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि विगत एक सप्ताह से उत्तर प्रदेश के आलू किसानों के ऊपर संकट के बादल छाए थे। राज्य के किसानों ने अपनी उपज का लगभग 70 प्रतिशत आलू (लगभग 150 लाख मीट्रिक टन) शीतगृहों में भण्डारित भी कर दिया था। इसी बीच कुछ कारणों से राज्य के शीतगृहों को उर्वरक कंपनियों ने अमोनिया गैस की सप्लाई रोक दी। इससे भण्डारित और भण्डारण से शेष राज्य के आलू किसानों और शीतगृह संचालकों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया। आलू अतिशीघ्र खराब होने वाली उपज है। यदि दो चार दिन भी शीतगृह की कूलिंग प्रभावित हो जाये तो आलू सड़ने लगता है।दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि अमोनिया गैस का कोई विकल्प न होने के कारण संकट का हल संभव नहीं हो सका।

इसके बाद केन्द्रीय उर्वरक एवं रसायन मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के समक्ष आलू किसानों की समस्या रखी गयी। दोनों विभागों के समन्वय से मात्र दो कार्यदिवस में राज्य के शीतगृह संचालकों को आवश्यक अमोनिया गैस की आपूर्ति निर्बाध रूप से करने के आदेश निर्गत किए। कृषि विपणन राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने इसके लिए केन्द्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का आभार जताया है।

राज्य मंत्री ने बताया कि इस वर्ष उत्तर प्रदेश में आलू की फसल विगत वर्षों की तुलना में काफी अच्छी हुई है। राज्य सरकार फसल तैयार होने से पूर्व आलू के विपणन और भण्डारण की सारी तैयारी पूरी कर चुकी थी। देश के भीतर अन्य राज्यों में भी प्रदेश के सरप्लस आलू के विपणन की भी व्यवस्था पूर्ण हो चुकी थी लेकिन गैस के संकट ने किसानों को चिंता में डाल दिया था। केन्द्र के सहयोग से संकट दूर हो सका।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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