थानाध्यक्ष समेत दो आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित

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थानाध्यक्ष समेत दो आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित


जौनपुर, 24 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में पुलिस की वर्दी की आड़ में जबरन वसूली और लूट के मामलों में विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने कार्रवाई तेज कर दी है। जलालपुर और सुरेरी थाने में दर्ज दो अलग-अलग मामलों की जांच कर रही एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने सुरेरी के तत्कालीन थानाध्यक्ष सब-इंस्पेक्टर दिव्य प्रकाश सिंह समेत दो आरोपितों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।

आरोपित तत्कालीन थानाध्यक्ष की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। वहीं, जलालपुर मामले में नामजद दो आरोपितों ने पुलिस की तलाश के बीच न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है।

दोनों मामलों में पुलिस अब तक दो निलंबित सिपाहियों समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपितों में सुरेरी थाने में तैनात रहे निलंबित सिपाही सत्येंद्र कुमार गौड़ और विष्णु सिंह भी शामिल हैं। एसआईटी जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।

सुरेरी थाने में 22 सितंबर को दर्ज मुकदमे में बड़ागांव, कमिश्नरेट वाराणसी निवासी राजेंद्र दूबे को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा सादे कपड़ों में मौजूद बताए गए तीन-चार अज्ञात पुलिसकर्मियों तथा खाते में रकम मंगाने वाले वंशनरायन गिरी को भी मुकदमे में आरोपी बनाया गया है।

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित ने आरोप लगाया कि 13 सितंबर को राजेंद्र दूबे ने फोन कर उसे मिलने के लिए बुलाया था। वहां मौजूद सादे कपड़ों में तीन-चार लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और उसे वाहन में बैठाकर ले गए।

आरोप है कि इसके बाद करीब 1.65 लाख रुपये की जबरन वसूली की गई और रकम यूपीआई के माध्यम से वंशनरायन गिरी के खाते में भेजी गई। इस मामले में गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने बाताया किजांच के दौरान पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आने के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह को निलंबित कर दिया गया था। अब उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किए जाने के बाद पुलिस ने तलाश और तेज कर दी है। मामले की जांच जारी है।

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

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