पुलिस ने असम की भटकी महिला को अपनों तक पहुंचाया
बांदा, 17 अक्टूबर (हि.स.)। ऑपरेशन मुस्कान के तहत उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में बदौसा थाना पुलिस की मिशन शक्ति टीम ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए असम की भटकी हुई महिला को सकुशल रेस्क्यू कर उसके गृह राज्य पहुंचाया। मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला करीब एक महीने से बांदा के बदौसा क्षेत्र में पुलिस संरक्षण में थी। पहचान सुनिश्चित होने के बाद उसे गुवाहाटी स्थित वन स्टॉप सेंटर के सुपुर्द कर दिया गया है। वहां महिला के परिजनों से संपर्क स्थापित कर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
थानाध्यक्ष बदौसा राजेश कुमार मौर्य के मुताबिक, 14 सितंबर 2026 को पुलिस को सूचना मिली थी कि महुराई गांव में रेलवे पटरी के किनारे एक महिला घूम रही है, जो ट्रेन से कटने की कोशिश कर सकती है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए मिशन शक्ति टीम तत्काल मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर थाने पहुंची। महिला अपना नाम-पता बताने में असमर्थ थी और मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रही थी। इसके बाद उसे वन स्टॉप सेंटर बांदा में रखा गया।
महिला की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस टीम ने लगातार प्रयास किए। उसकी तस्वीर विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में साझा करने के साथ तकनीकी एवं अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाई गई। इसी क्रम में महिला ने अपना नाम रूपाली, पत्नी अमरेती और पुत्री अनिराम, निवासी चिमान चोकरे, जनपद धेमाजी, असम बताया। इसके आधार पर उसकी पहचान सुनिश्चित की गई।
पहचान स्पष्ट होने के बाद 17 अक्टूबर 2026 को बदौसा पुलिस की मिशन शक्ति टीम महिला को सुरक्षित गुवाहाटी स्थित वन स्टॉप सेंटर लेकर पहुंची और वहां के कर्मचारियों को सुपुर्द कर दिया। वन स्टॉप सेंटर की ओर से महिला के परिजनों से संपर्क स्थापित कर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की इस पहल से भटकी महिला को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उसे परिवार तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

