नाबालिग छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा, 35 हजार का जुर्माना
औरैया, 07 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र की अदालत ने साढ़े छह वर्ष पुराने अपहरण और दुष्कर्म के मामले में गुरुवार को दोषी छोटू उर्फ अरुण कुमार को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) मृदुल मिश्रा ने बताया कि मामला 20 अगस्त 2019 का है। थाना दिबियापुर क्षेत्र निवासी वादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री, जो मानस इंटर कॉलेज कंचौसी में कक्षा 10 की छात्रा थी, सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी।
जांच के दौरान पता चला कि ग्राम बहादुरपुर निवासी छोटू उर्फ अरुण कुमार छात्रा को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। आरोपित ट्रैक्टर चालक था और पीड़िता से मोबाइल पर बातचीत करता था। उस पर स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं से छेड़खानी करने के आरोप भी सामने आए थे।
पुलिस ने आरोपित के खिलाफ अपहरण व पॉक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय (पॉक्सो) कोर्ट संख्या-1 में हुई।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक मृदुल मिश्रा ने आरोपित को कठोरतम सजा दिए जाने की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपी को निर्दोष बताया। दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने छोटू उर्फ अरुण कुमार को दोषी पाए जाने पर 20 वर्ष के कठोर कारावास और 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अदालत ने आदेश दिया कि यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है तो उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में देने के निर्देश भी दिए गए हैं। फैसला सुनाए जाने के बाद दोषी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार

