पीएम पोषण योजना से बदल रही उत्तर प्रदेश की तस्वीर
लखनऊ, 23 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में अब पढ़ाई के साथ-साथ पोषण, संस्कार और उज्ज्वल भविष्य की नई कहानी लिखी जा रही है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना (पीएम पोषण योजना) आज प्रदेश के करोड़ों बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह योजना केवल 'मिड-डे मील' तक सीमित नहीं रही, बल्कि 'पोषण से राष्ट्र निर्माण' का व्यापक अभियान बन गई है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार प्रदेश के लगभग 1.42 लाख राजकीय, परिषदीय एवं सहायता प्राप्त प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 1.46 करोड़ से अधिक बच्चों को प्रतिदिन गर्म, ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। यह व्यवस्था बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, मानसिक विकास और नियमित विद्यालय उपस्थिति को सुनिश्चित कर रही है।
3.53 लाख रसोइयां बनीं ‘पोषण प्रहरी’
प्रदेश में पीएम पोषण योजना के सफल संचालन में 3.53 लाख से अधिक रसोइयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ये रसोइयां प्रतिदिन स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन तैयार कर बच्चों के स्वास्थ्य की मजबूत आधारशिला रख रही हैं।
रसोइयों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता
योगी सरकार ने रसोइयों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय के अतिरिक्त 1000 रुपये अतिरिक्त मानदेय उपलब्ध कराया है। साथ ही, परिधान मद में 500 रुपये प्रति रसोइया की सहायता भी दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश की 93 प्रतिशत से अधिक रसोइयों को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ा जा चुका है, जिससे उन्हें और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है।
रसोई से मंच तक पहुंची प्रतिभा
योगी प्रदेश सरकार रसोइयों को भोजन तैयार करने वाली कार्यकर्ता से आगे बढ़कर 'पोषण प्रहरी' के रूप में पहचान दे रही है। इसी उद्देश्य से विभिन्न जनपदों में ‘रसोइया पाक-कला प्रतियोगिताओं’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रथम पुरस्कार 3500 रुपये, द्वितीय पुरस्कार 2500 रुपये एवं तृतीय पुरस्कार 1500 रुपये के अलावा प्रतिभाग करने वाली सभी रसोइयों को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। वाराणसी में आयोजित पाक-कला प्रतियोगिता में रसोइयों ने स्वाद, स्वच्छता और पौष्टिकता के उत्कृष्ट समन्वय का प्रदर्शन किया। विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित कर सरकार ने यह संदेश दिया कि बच्चों के भविष्य को संवारने वालों का सम्मान सर्वोपरि है।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

