गौतम बुद्ध नगर में छह जल पुलिस चौकियों की स्थापना की योजना

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गौतम बुद्ध नगर में छह जल पुलिस चौकियों की स्थापना की योजना


नोएडा, 05 फ़रवरी (हि.स.)। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर द्वारा जल सुरक्षा/जन सुरक्षा के उदेश्य से छह जल पुलिस चौकियों की स्थापना की योजना तैयार की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इसका उद्देश्य धार्मिक स्थलों, घाटों एवं जल पर्यटन स्थलों पर आने वाले नागरिकों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा, बचाव एवं राहत कार्यों को सुदृढ़ करना है।

पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के मीडिया प्रभारी ने गुरुवार काे बताया कि अवैध गतिविधियों की रोकथाम, बाढ़ संभाव्यता एवं छठ पूजा आदि धार्मिक आयोजनों पर सुरक्षा व्यवस्था तथा त्वरित बचाव हेतु कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में छह जल पुलिस चौकियां स्थापित किया जाना प्रस्तावित किया गया है।

उन्होंने बताया जिसके तहत नोएडा जोन में थाना सेक्टर-126 के ओखला बैराज की पूर्व दिशा में कालिंदी कुंज यमुना पुल के नीचे। सेंट्रल नोएडा जोन मे थाना इकोटेक-3 - हिण्डन नदी के किनारे, कुलेसरा ग्रेटर नोएडा जोन मे थाना नॉलेज पार्क - ग्राम कामबक्शपुर यमुना तटीय क्षेत्र। थाना दादरी के कोट नहर,थाना दनकौर क्षेत्र के खेरली नहर पुलिया थाना रबूपुरा क्षेत्र के ग्राम चंडीगढ़ यमुना नहर में स्थापित की जाएंगी।

उन्होंने बताया कि कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में धार्मिक आयोजन जैसे कि श्रावण मास की कांवड़ यात्रा, छठ पूजा, दुर्गा पूजा एवं अन्य पर्वों के दौरान घाटों पर भारी भीड़ एकत्रित होती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। इन्हीं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए जल पुलिस चौकियों की स्थापना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इन चौकियाें का मुख्य कार्य घाटों पर शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना। भीड़ प्रबंधन, बैरीकेडिंग एवं बचाव कार्य नौकाओं पर निर्धारित क्षमता के अनुसार संचालन स्थानीय नाविकों, गोताखोरों एवं आपदा मित्रों से समन्वय होगा।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक जल पुलिस चौकी आधुनिक उपकरणों से लैस होगी, जिनमें प्रशिक्षित जनशक्ति, रबरयुक्त बचाव नौकाएं, प्रशिक्षित नाव चालक, स्थानीय गोताखोर एवं आपदा मित्र उपलब्ध रहेंगे। प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहयोग राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा प्रदान किया जाएगा। इसका उद्देश्य जल पुलिस चौकी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण उत्पन्न होने वाली आकस्मिक घटनाओं पर त्वरित बचाव कार्य करना तथा घाटों, नहरों और जल पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं और नागरिकों की सुरक्षा, बचाव और राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करना है। प्रत्येक जल पुलिस चौकी में चौकी प्रभारी और मुख्य आरक्षी/आरक्षी के अतिरिक्त, 02 रबरयुक्त बचाव नौकाओं के संचालन हेतु 2 बोट चालक, 2 सहायक बोट चालक तथा प्रत्येक बोट के लिए 4-8 स्थानीय गोताखोर (प्राइवेट) और आपदा मित्र उपलब्ध रहेंगे। पुलिस चौकी के कार्य क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार जनशक्ति में वृद्धि भी की जा सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी

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