शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य जीवन का महत्वपूर्ण आधार : डॉ. अशोक वार्ष्णेय

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शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य जीवन का महत्वपूर्ण आधार : डॉ. अशोक वार्ष्णेय


शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य जीवन का महत्वपूर्ण आधार : डॉ. अशोक वार्ष्णेय


भारतीय शास्त्रों में वर्णित है स्वास्थ्य सिद्धांत : प्रो. एम.एम. गोरे

प्रयागराज, 03 मई (हि.स.)। शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। यह बातें रविवार को मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान तेलियरगंज में आयोजित आरोग्य भारती की दो दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य वक्ता आरोग्य भारतीय के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक वार्ष्णेय ने कहीं।

उन्होंने आरोग्य भारती के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शरीर के साथ मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने बताया कि आरोग्य भारती से जुड़कर समाज के अधिक से अधिक लोग स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

भारतीय शास्त्रों में वर्णित है स्वास्थ्य सिद्धांत

मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के कार्यवाहक निदेशक . एम.एम. गोरे ने भारतीय शास्त्रों में वर्णित स्वास्थ्य सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि भोजन से पहले हाथ-पैर धोकर बैठना, नियमित व्यायाम करना और संतुलित दिनचर्या अपनाना हमारे ग्रंथों में बताया गया है। उन्होंने कहा कि यदि इन्हें जीवन में उतारा जाए तो स्वस्थ रहना संभव है।

आरोग्य भारती की ओर से आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में स्वास्थ्य, योग, दिनचर्या और भारतीय परंपराओं के माध्यम से निरोग जीवन पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताया।

आरोग्य भारतीय काशी प्रांत एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. इंद्रनील बसु ने बताया कि भारती काशी प्रांत एवं ने संगठन के क्रियान्वयन और जनजागरण अभियानों की जानकारी दी।

आरोग्य भारतीय के पूर्वी क्षेत्र प्रचारक संग्राम सिंह ने संगठन द्वारा किए जा रहे स्वास्थ्य जागरूकता कार्यों की जानकारी दी।

कार्यक्रम का संचालन वैद्य एस.के. राय विभाग संयोजक, आरोग्य भारती काशी प्रांत एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य व राष्ट्रीय पर्यावरण टोली सदस्य ने अपने जीवंत अंदाज में किया और पूरे कार्यक्रम में प्रतिभागियों को जोड़े रखा।

मंच पर प्रो. जी.एस. तोमर (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आरोग्य भारती) भी उपस्थित रहे। डॉ. इंद्रेश सिंह ने शांति पाठ कराया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. स्नेहा शर्मा ने किया।

कार्यशाला में वैद्य गौरव कुमार सिंह, सर्व व्यवस्था प्रमुख डॉ अजय मिश्रा ,सह सर्व व्यवस्था प्रमुख नागेन्द्र, समन्वयक वैद्य शशिकांत राय, सह समन्वयक डॉ उमेश शर्मा सहित लगभग 60 लोगों की उपस्थिति रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

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