धैर्य और विश्वास का फल अंततः भगवान से मिलन के रूप में मिलता है: जया किशोरी

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धैर्य और विश्वास का फल अंततः भगवान से मिलन के रूप में मिलता है: जया किशोरी


धैर्य और विश्वास का फल अंततः भगवान से मिलन के रूप में मिलता है: जया किशोरी


धैर्य और विश्वास का फल अंततः भगवान से मिलन के रूप में मिलता है: जया किशोरी


धैर्य और विश्वास का फल अंततः भगवान से मिलन के रूप में मिलता है: जया किशोरी


धैर्य और विश्वास का फल अंततः भगवान से मिलन के रूप में मिलता है: जया किशोरी


धैर्य और विश्वास का फल अंततः भगवान से मिलन के रूप में मिलता है: जया किशोरी


जौनपुर,18 मार्च (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में कथावाचक और मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी बुधवार को जौनपुर पहुंचीं, जहां उनके एक दिवसीय कार्यक्रम में भक्तिभाव का अद्भुत माहौल देखने को मिला। शाम करीब 5 बजे वह रुहट्टा स्थित राजाराम एंड सन्स के प्रोपराइटर अमित कुमार अग्रहरी के आवास पर लगभग 15 मिनट रुकीं। इसके बाद वह सिद्दीकपुर स्थित राजहंस रिसॉर्ट पहुंचीं, जहां उन्होंने संगीतमय अंदाज में भगवान श्रीकृष्ण की कथाओं का वाचन किया।

कार्यक्रम के दौरान जया किशोरी ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, प्रेम और करुणा का भावपूर्ण वर्णन किया। भजनों और कथा के माध्यम से उन्होंने श्रद्धालुओं को भक्ति में सराबोर कर दिया। कथा के दौरान महिलाएं भक्ति गीतों पर झूमती नजर आईं और पूरा पंडाल कृष्णमय हो गया।

अपने सम्बोधन में जया किशोरी ने कहा कि सच्ची श्रद्धा और धैर्य रखने वालों को भगवान अवश्य मिलते हैं। उन्होंने शबरी का उदाहरण देते हुए बताया कि धैर्य और विश्वास का फल अंततः भगवान से मिलन के रूप में मिलता है। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां कैसी भी हों, भगवान सदैव अपने भक्तों के साथ रहते हैं। उन्होंने आधुनिक समाज पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि आज के समय में लोग अनावश्यक आलोचना करने लगे हैं, यहां तक कि भगवान पर भी सवाल उठाने से नहीं चूकते। उन्होंने समझाया कि भक्ति का अर्थ सबको साथ लेकर चलना है और सच्चा सत्संगी कभी विवाद का कारण नहीं बनता।

जया किशोरी ने यह भी कहा कि सनातन धर्म अंधविश्वास नहीं, बल्कि जिज्ञासा और प्रश्न करने की प्रेरणा देता है। व्यक्ति को मर्यादा में रहकर ज्ञान प्राप्त करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि इंसान को भगवान का दर्जा देना गलत है, क्योंकि इससे भ्रम और गलतियां पैदा होती हैं। गुरु का कार्य केवल भक्त को भगवान से जोड़ना होता है। उन्होंने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के जीवन से सीख लेने की प्रेरणा दी और कहा कि समय के साथ बदलाव जरूरी है। उन्होंने कृष्ण अवतार को सबसे सुंदर बताते हुए कहा कि इसमें बाल्यकाल, प्रेम, युद्ध और ज्ञान सभी पहलू समाहित हैं।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, पूर्व मंत्री महेंद्र पांडेय, राज्यमंत्री गिरीश चन्द्र यादव, राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी और पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपा शंकर सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने पहुंचकर उनका स्वागत किया।

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

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