चार-पांच वर्षों से नहीं बदले परीक्षा केंद्र, आगामी सत्र में होगा पुनर्निर्धारण : परीक्षा नियंत्रक

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चार-पांच वर्षों से नहीं बदले परीक्षा केंद्र, आगामी सत्र में होगा पुनर्निर्धारण : परीक्षा नियंत्रक


जौनपुर, 08 जुलाई (हि.स.)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में परीक्षा केंद्र निर्धारण की व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है। विश्वविद्यालय से संबद्ध जौनपुर और गाजीपुर के करीब 300 महाविद्यालयों के परीक्षा केंद्र पिछले चार से पांच वर्षों से नहीं बदले गए हैं। इसे लेकर परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।पूर्व में परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के उद्देश्य से प्रत्येक दो वर्ष में परीक्षा केंद्रों का पुनर्निर्धारण किया जाता था। इसका मकसद किसी एक महाविद्यालय को लगातार परीक्षा केंद्र बनाए जाने की परंपरा समाप्त करना और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना था। हालांकि, पिछले कई वर्षों से एक ही महाविद्यालयों को लगातार परीक्षा केंद्र बनाए जाने से शिक्षा जगत में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।शिक्षाविदों का कहना है कि परीक्षा केंद्रों का नियमित परिवर्तन केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लंबे समय तक एक ही केंद्र बनाए रखने से पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उनका यह भी मानना है कि यदि केंद्र निर्धारण की नीति में कोई बदलाव किया गया था, तो इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए थी।इस बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने आगामी परीक्षा सत्र में केंद्र निर्धारण की व्यवस्था में बदलाव के संकेत दिए हैं। बुधवार को इस संबंध में पूछे जाने पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि लगातार तीन वर्ष या उससे अधिक समय से जिन महाविद्यालयों को एक ही परीक्षा केंद्र आवंटित किया जा रहा है, उनके केंद्र इस बार हर हाल में बदले जाएंगे। परीक्षा केंद्रों का निर्धारण पूरी तरह निष्पक्ष एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

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