निजी स्कूलों की मनमानी, महंगी किताबें और स्टेशनरी खरीदने को अभिवावक मजबूर : पवन गुप्ता
कानपुर, 03 अप्रैल (हि.स.)। निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से महंगी किताबें, ड्रेस और स्टेशनरी खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर किया जा रहा है, जो कि सरासर अन्याय है। कई स्कूलों ने अब तक 9000 तक की बुक सेट का बोझ अभिभावकों को दिया है। क्या मापदंड है, कौन देखे। अभिभावक बच्चों से भावनात्मक लगाव के कारण चुपचाप ये बोझ सहते हैं। यह बातें शुक्रवार को कांग्रेस नगर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कही।
महंगी शिक्षा, महंगी किताबों और अभिभावकों के हो रहे शोषण के खिलाफ आज जीआईसी चौराहा चुन्नीगंज पर कानपुर महानगर कांग्रेस द्वारा अध्यक्ष पवन गुप्ता के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पोस्टर जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया और सरकार से अभिभावकों के उत्पीड़न को तत्काल बंद कराने की मांग की। साथ ही चुन्नीगंज चौराहे से जीआईसी चौराहे तक पदयात्रा भी निकाली।
कांग्रेस जनों ने सरकार से मांग की कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जाए और अभिभावकों का आर्थिक शोषण तुरंत बंद कराया जाए। तुरंत ऐसे हर स्कूल की जांच की जाए जहां महंगी किताबें लेने को मजबूर किया जा रहा है। एक जगह से महंगी किताब लेने के लिए बाध्य करना बंद किया जाए और एक ही कोर्स के लिए एक ही किताब के सेट का नियम लागू किया जाए। अलग-अलग स्कूल एक बोर्ड के हैं तो अलग-अलग किताबें क्यों? एक किताब होंगी तो सस्ती भी होगी और लोगों के बीच उपलब्धता भी दिखेगी। इस दौरान नरेश त्रिपाठी, नरेश पाठक, रितेश यादव, विनोद अवस्थी, आशुतोष शुक्ला, मनोज मल्होत्रा, जितेंद्र ब्रह्म आदि लोग मौजूद रहे। वहीं बीएसए सुरजीत सिंह ने कहा कि स्कूलाें की बराबर माॅनिटरिंग की जा रही है, जांच में अगर काेई स्कूल ऐसा करता पाया गया ताे सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

