नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोकने का प्रयास अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण : पंकज चौधरी
लखनऊ, 17 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लाए गए 131वें संविधान संशोधन विधेयक पर विपक्ष के रवैये को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके सहित पूरे इंडी गठबंधन ने एक बार फिर महिलाओं के अधिकारों के प्रति अपनी असंवेदनशीलता उजागर की है।
चौधरी ने कहा कि यह विधेयक देश की आधी आबादी को राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे पारित न होने देकर महिलाओं की आकांक्षाओं को आहत किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इस महत्वपूर्ण पहल को बाधित किया, जो महिलाओं के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का इतिहास महिलाओं को केवल चुनावी मुद्दा बनाकर रखने का रहा है। जब भी महिलाओं को वास्तविक अधिकार देने की बात आती है, ये दल पीछे हट जाते हैं। इसके विपरीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए अनेक ठोस निर्णय लिए हैं और उन्हें राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा में आगे बढ़ाने का कार्य किया है।
चौधरी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं के सम्मान, अधिकार और भागीदारी का प्रतीक है। इसे रोकने का प्रयास नारी शक्ति के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने जैसा है। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं इस राजनीतिक दोहरेपन को भली-भांति समझती हैं और समय आने पर इसका उचित जवाब देंगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी नारी शक्ति को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

