व्यापारिक पारदर्शिता बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता : पंकज चौधरी
लखनऊ, 09 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य ऐसा कारोबारी वातावरण तैयार करना है, जिसमें छोटे व्यापारी, उद्यमी और व्यवसायी अनावश्यक प्रक्रियागत कठिनाइयों से मुक्त होकर कारोबार का विस्तार कर सकें। जीएसटी व्यवस्था का सरलीकरण, पारदर्शिता और व्यापार सुगमता इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस मोदी की गारंटी है।
पंकज चौधरी ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में आयोजित जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में लिए गए निर्णय इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा हैं। सरकार द्वारा जीएसटी प्रक्रिया को सरल बनाने और कारोबार संबंधी कठिनाइयों को कम करने के लिए किए जा रहे सुधार व्यापारियों को अपने व्यवसाय के विस्तार तथा राष्ट्र की आर्थिक प्रगति में अधिक प्रभावी योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का निरंतर प्रयास रहा है कि व्यापारियों को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक कारोबारी वातावरण मिले। व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, इस लक्ष्य के प्रमुख आयाम हैं।
चौधरी ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद समय-समय पर इसमें आवश्यक बदलाव किए गए हैं। चार कर स्लैब के स्थान पर दो प्रमुख स्लैब की व्यवस्था तथा आम जनजीवन में उपयोग होने वाली अधिकांश वस्तुओं को 5 प्रतिशत या उससे कम कर दरों के दायरे में लाने से कर व्यवस्था को अधिक सरल और जनोपयोगी बनाने का प्रयास किया गया है। सरकार की प्राथमिकता कर अनुपालन संबंधी कठिनाइयों को कम करने और कारोबार करना आसान बनाने की है।
उन्होंने कहा कि कर संबंधी मामलों में गिरफ्तारी की प्रक्रिया, कानूनी कार्रवाई की सीमा और न्यूनतम जुर्माने जैसे विषयों पर व्यापारियों की चिंताओं को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। पहले जहां न्यूनतम जुर्माना 25,000 रुपये था, उसे घटाकर 10,000 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, 10,000 रुपये से कम की कर देनदारी होने पर कार्रवाई नहीं किए जाने का प्रावधान भी व्यापारियों को राहत प्रदान करेगा। इन बदलावों से छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी और कारोबारी गतिविधियों में विश्वास बढ़ेगा।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि मालवाहक वाहनों को रास्ते में रोकने से संबंधित प्रक्रियाओं में अनावश्यक हस्तक्षेप कम करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। इससे व्यापारियों को होने वाली असुविधा कम करने और माल की आवाजाही को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

