पद्मश्री संत रमेश बाबा महाराज का गोलोक गमन, बरसाना सहित पूरे ब्रजमंडल में शोक की लहर

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पद्मश्री संत रमेश बाबा महाराज का गोलोक गमन, बरसाना सहित पूरे ब्रजमंडल में शोक की लहर


मथुरा, 06 अक्टूबर(हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के बरसाना में ब्रज की भक्ति, गौ-सेवा और पर्यावरण संरक्षण के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले विरक्त संत एवं पद्मश्री से सम्मानित रमेश बाबा महाराज का गोलोक गमन हो गया है। उनके निधन की खबर सामने आते ही बरसाना सहित पूरे ब्रजमंडल में शोक की लहर दौड़ गई। मान मंदिर बरसाना से जुड़े संत, श्रद्धालु और अनुयायी उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

रमेश बाबा महाराज ने अपना पूरा जीवन राधा-कृष्ण भक्ति, गौ-सेवा और ब्रजभूमि के संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया। बरसाना में उनके प्रयासों से स्थापित मान मंदिर और श्री माताजी गौशाला आज उनकी उत्कृष्ट सेवा भावना की पहचान हैं। रमेश बाबा का जन्म वर्ष 1938 में तीर्थराज प्रयागराज में हुआ था। वह प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य बलदेव प्रसाद शुक्ल के पुत्र थे। बचपन से ही उनका झुकाव आध्यात्मिकता और वैराग्य की ओर था। युवावस्था में ही उन्होंने गृह त्याग कर ब्रजभूमि को अपनी कर्मभूमि बना लिया। इसके बाद उनका जीवन राधा-कृष्ण भक्ति और ब्रज सेवा के लिए समर्पित हो गया।

बरसाना पहुंचने के बाद रमेश बाबा ने मान मंदिर की स्थापना की। इसके साथ ही उन्होंने गौ-सेवा को भी अपने जीवन का प्रमुख उद्देश्य बनाया। उनके प्रयासों से स्थापित श्री माताजी गौशाला में वर्तमान में 60 हजार से अधिक निराश्रित, बीमार और वृद्ध गौवंश की सेवा की जाती है। इस गौशाला की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ बिना किसी सरकारी अनुदान के गौ-सेवा संचालित की जाती है।

रमेश बाबा केवल गौ-सेवक ही नहीं, बल्कि ब्रज के पर्यावरण और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के लिए भी जाने जाते थे। उन्होंने ब्रज के पर्वतों पर कथित अवैध खनन के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाई। इसके साथ ही यमुना जी को प्रदूषण से मुक्त कराने के लिए भी उन्होंने लंबे समय तक अभियान चलाया।गौ-सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक-आध्यात्मिक योगदान के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2019 में रमेश बाबा को श्पद्मश्रीश् सम्मान से सम्मानित किया था।

रमेश बाबा के गोलोक गमन के बाद उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं। उनका अंतिम संस्कार बरसाना धाम में वैष्णव परंपरा के अनुसार संपन्न किया जाएगा। मुख्यमंत्री एवं कई केंद्रीय मंत्रियों सहित राजनीतिक जगत और संत समाज ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार

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