मालिनी अवस्थी के होली गीत 'रंग डारुंगी नंद के लालन पर रंग डारुंगी..' से मंत्रमुग्ध हुए श्रोता

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मालिनी अवस्थी के होली गीत 'रंग डारुंगी नंद के लालन पर रंग डारुंगी..' से मंत्रमुग्ध हुए श्रोता


- संगीतांजलि द्वारा संगीत की पारम्परिक बनारसी परम्परा गुलाब बाड़ी का आयोजन

- विश्वविद्यालय के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में हुआ सांस्कृतिक संध्या का आयोजन

कानपुर, 08 मार्च (हि.स.)। संगीतांजलि सांस्कृतिक संस्था द्वारा संगीत की पारम्परिक बनारसी परम्परा गुलाब बाड़ी का भव्य आयोजन रविवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के वीरांगना लक्ष्मी बाई प्रेक्षागार में सम्पन्न हुआ। चैत्र मास में गुलाब के फूलों की होली के साथ गीत-संगीत का यह आयोजन बनारस की प्राचीन सांस्कृतिक परम्परा का प्रतीक है, जिसका प्रारम्भ 17वीं शताब्दी में अवध के नवाब द्वारा किया गया था।

कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि नीतू सिंह (सचिव, यति संकल्प संस्थान) एवं विशिष्ट अतिथि विश्वविद्यालय की कुलप्रतिष्ठा वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्या डॉ वंदना पाठक द्वारा एवं संस्था के सभी पदाधिकारी की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। संयुक्त सचिव कविता सिंह एवं उनकी शिष्याओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर मां सरस्वती का आह्वान किया।

संस्था की अध्यक्ष डॉ. रोचना बिश्नोई ने अपने उद्बोधन में संस्था की 25 वर्षों की संगीत यात्रा पर प्रकाश डालते हुए निरंतर सांस्कृतिक साधना के संकल्प को दोहराया। तत्पश्चात् महिला दिवस के उपलक्ष्य में संगीतांजलि, सांस्कृतिक संस्था एवं इनर व्हील कानपुर द्वारा कानपुर शहर की कुछ प्रमुख एवं समाजसेवी महिलाओं सीए नीतू सिंह, वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्या डॉ. वंदना पाठक, शोभा अग्निहोत्री पीडीसी एनरविल, डॉ. मनीषा अग्रवाल स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं मनीषा वाजपेयी को स्मृति चिन्ह और पुष्पपुच्छ दे करके सम्मानित किया गया।

मुख्य कलाकार के रुप में बनारस से पधारी सुप्रसिद्ध उपशास्त्रीय गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने राग मिश्र काफी में रे मैं कैसे केसर रंग घोरूँ होरी, राग शहाना में होली मैं खेलूँगी श्याम से डांट के, 'रंग डारुंगी नंद के लालन पर रंग डारुंगी..' सहित दादरा, ठुमरी एवं चैती की पारंपरिक शैलियों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ देकर संगीत मय वातावरण एवं गुलाब की महक से सराबोर श्रोताओं को होली के रंग एवं संगीत शैली, से मंत्रमुग्ध कर दिया।

संचालय डा0 सुनीता द्विवेदी जुहारी देवी ने किया। संगत दिल्ली, बनारस एवं लखनऊ से पधारे सह कलाकारों में तबले पर राजेश मिश्रा, हारमोनियम पर विनय मिश्र, सिंथेसाइज़र पर सचिन कुमार गुप्ता, सारंगी पर मुराद अली तथा ढोलक पर अमित आर्य ने कुशल साथ देकर कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की।

कार्यक्रम के मध्य गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा एवं गुलाब जल के छिड़काव से सम्पूर्ण वातावरण सुगंधित एवं संगीत उत्सव में परिणित हो गया। आयोजन में उपाध्यक्ष डॉ. अरविंद श्रीवास्तव, संजीव कटियार एवं मीडिया प्रभारी दिवाकर निगम का सहयोग रहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / अजय सिंह

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