योगी के जन्म दिवस पर बुंदेलों ने लहू से लिखे 54 बधाई संदेश, दी अनोखी बधाई
-मोदी के बाद योगी बनें प्रधानमंत्री, भगवान से की प्रार्थना
महोबा, 05 जून (हि.स.)।बुंदेलों ने सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ का 54 वां जन्मदिवस अनोखे अंदाज में मनाया है। शुक्रवार को योगी के जन्मदिवस और विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बुंदेली समाज द्वारा अपने लहू से 54 बधाई संदेश लिखकर मुख्यमंत्री काे शुभकामनाएं दीं हैं और गाेरखगिरि पर्वत के तीर्थ विकास के लिए मुख्यमंत्री काे धन्यवाद दिया है।
शुक्रवार को योगी आदित्यनाथ के 54 वें जन्मदिवस के अवसर पर बुंदेली समाज के द्वारा जनपद मुख्यालय स्थित अम्बेडकर पार्क में एकत्रित होकर अनोखे अंदाज में मुख्यमंत्री का जन्मदिवस मनाया है। बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने बताया कि सभी लोग अपने-अपने तरीके से सीएम योगी को बधाइयां दे रहे हैं। हम लोगों ने अपने लहू को इसके लिए चुना है। हो सकता है कि लाखों संदेशों में उनके खून की पाती भी सीएम याेगी तक पहुंच जाए। यह सम्मान मुख्यमंत्री के प्रति उनके सम्मान एवं कृतज्ञता का प्रतीक है। योगी जी के गुरु गोरखनाथ की तपस्थली ऐतिहासिक गोरखगिरी पर्वत को पर्यटन तीर्थ के रूप में विकसित करने के बुंदेली समाज द्वारा उनका आभार व्यक्त किया गया है। इसके साथ ही बुंदेलों ने बुलडोजर बाबा जिंदाबाद के नारे भी लगाए हैं।
बुंदेली समाज इससे पहले 8 बार प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिवस की बधाइयां दे चुका है। अभी तक 52 बार अपने लहू से खत लिख बुंदेलखंड की तमाम समस्याओं को प्रधानमंत्री तक पहुंचा चुके हैं। इसके साथ ही बुंदेलों ने मोदी के बाद योगी के प्रधानमंत्री बनने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
बुंदेली समाज के महामंत्री डॉ. अजय बरसैयां ने बताया कि आज समाज के 20 लोगों ने योगी जी को बधाई संदेश देने के लिए अपना खून दिया है। इनमें डॉ. देवेंद्र, अनुराग पुरवार, मनीष जैदका , दिलीप जैन, अमरचंद विश्वकर्मा, कैप्टन मोहन सिंह, हरिओम निषाद, गया प्रसाद, कृष्णा, पवन, प्रेम चौरसिया, अच्छे लाल सोनी, सिद्धे सोनी, राजू ताम्रकार समेत बुंदेली समाज के अन्य लोग शामिल रहे।
पिता-पुत्र ने बधाई संदेश लिखने के लिए दिया खून
मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर खून से बधाई संदेश लिखने के लिए पिता-पुत्र ने एक साथ अपना खून दिया। आल्हा चौक में आयोजित कार्यक्रम में प्रेम चौरसिया व उनके 16 वर्षीय बेटे कृष्णा ने खून दिया और बुलडोजर बाबा जिंदाबाद के नारे लगाए ।
हिन्दुस्थान समाचार / उपेन्द्र द्विवेदी

