हनुमान कथा से सामाजिक व्यवहार में सुधार और विनम्रता का मिलता है संदेश : डॉ. उमेश पालीवाल

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हनुमान कथा से सामाजिक व्यवहार में सुधार और विनम्रता का मिलता है संदेश : डॉ. उमेश पालीवाल


कानपुर, 23 मार्च (हि.स.)। हनुमान जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर हम न केवल आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव भी ला सकते हैं। कथा में दिए गए उपदेश हमें त्याग, समर्पण और मर्यादा के महत्व को समझने में मदद करते हैं। इसके माध्यम से सामाजिक व्यवहार में सुधार और विनम्रता का संदेश भी मिलता है।” यह बातें सोमवार को श्री हनुमान कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. उमेश पालीवाल ने कही।

श्री हनुमान कथा आयोजन समिति, कानपुर के तत्वावधान में आयोजित हनुमान कथा के दूसरे दिन संत विजय कौशल महाराज ने भक्तों को अत्यंत प्रेरणादायक और जीवनोपयोगी संदेश दिए। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। यह पावन कथा 29 मार्च तक निरंतर आयोजित की जाएगी।

कथा के दौरान महाराज ने बताया कि हनुमान जी भगवान के द्वारपाल हैं और उनके माध्यम से ही भगवान तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा का पाठ किसी भी समय और अवस्था में किया जा सकता है, जिससे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं। सुंदरकांड के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि इसमें हनुमान जी के गुणों का विस्तृत वर्णन है, जो मानव जीवन को सुंदर और सफल बनाता है।

माता के आशीर्वाद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए महाराज ने कहा कि मां का आशीर्वाद निष्छल और निरपेक्ष होता है। उन्होंने सुमित्रा जी द्वारा लक्ष्मण जी को दिए गए उपदेश का उल्लेख किया और जीवन में त्याग, समर्पण एवं मर्यादा के महत्व को रेखांकित किया।

सामाजिक व्यवहार पर विचार व्यक्त करते हुए महाराज ने कहा कि लोग साधु-संतों के दर्शन के लिए उत्सुक रहते हैं, किंतु अपने ही परिवार के सदस्य के संन्यास की इच्छा पर रोक लगाते हैं। हनुमान जी के लंका गमन प्रसंग का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि महान कार्यों में बाधाएं आती हैं और कई बार समाज के प्रतिष्ठित लोग भी विरोध करते हैं।

विनम्रता का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सबके सामने झुकता है, भगवान भी उसके सामने झुक जाते हैं। शॉर्टकट अपनाकर सफलता पाने वाला अंततः ठगा जाता है। अंत में महाराज जी ने सभी श्रद्धालुओं से हनुमान जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

समिति के उपाध्यक्ष अनूप पचैरी, मंत्री उमेश निगम, संयोजक डॉ. विवेक द्विवेदी तथा अन्य सदस्यों ने श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में सम्मिलित होकर अध्यात्मिक लाभ लेने का आह्वान किया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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