हिन्दी के माध्यम से हम ज्ञान का प्रसार ही नहीं करते, एक परम्परा भी बनाते हैं: प्रो. अजय जेटली

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हिन्दी के माध्यम से हम ज्ञान का प्रसार ही नहीं करते, एक परम्परा भी बनाते हैं: प्रो. अजय जेटली


--राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय

प्रयागराज, 11 मई (हि.स)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की चतुर्थ तिमाही बैठक प्रो. अजय जेटली की अध्यक्षता में हुई। प्रो. जेटली ने कहा कि हिन्दी के माध्यम से हम केवल ज्ञान का प्रसार ही नहीं करते, बल्कि एक परम्परा का निर्माण भी करते हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में यह परम्परा हाल के दिनों में मजबूत हुई है।

सोमवार को आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि यदि हिन्दी हमारी सिरमौर है तो हमारी आदतें भी हिन्दी के अनुरूप होनी चाहिए। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गये और तय किया गया कि नवप्रवेशी विद्यार्थियों को केंद्र में रखकर संवाद और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

संयोजक प्रो कुमार वीरेन्द्र ने बताया कि हिन्दी पत्रकारिता के दो सौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में हिन्दी के विकास में पत्र-पत्रिकाओं और संपादकों की भूमिका पर पांच दिवसीय संगोष्ठी के आयोजन का निर्णय लिया गया। साथ ही महाविद्यालय और विभागों में राजभाषा हिन्दी के प्रभावी कार्यान्वयन के निरीक्षण के लिए उप समितियों का गठन किया जाएगा। विभिन्न विषयों में राजभाषा संवाद को जारी रखने का निर्णय लिया गया। अंतरविषयी दृष्टि और नवीनता को राजभाषा अनुभाग प्रोत्साहित करेगा।

इविवि की पीआरओ प्रो जया कपूर ने बताया कि बैठक के दौरान कार्यसूची पर चर्चा एवं विगत कार्यों की समीक्षा हुई। उपस्थित सदस्यों ने अपने-अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। प्रो जया कपूर ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि हिन्दी ने हमारी संवेदना का विस्तार किया है और लोगों से जोड़ा है।

बैठक में प्रो. राहुल पटेल, प्रो. नीलिमा सिंह, प्रो. मार्तंड सिंह, डॉ रमेश सिंह, डॉ उपेंद्र कुमार सिंह कुशवाहा, डॉ. अनिर्बान कुमार, डॉ सुदीप तिर्की, डॉ रंजीत सिंह, डॉ सामंता साहू, डॉ अमृता, डॉ जनार्दन, डॉ श्लेष गौतम, डॉ मुदिता तिवारी, डॉ शेफाली नंदन, डॉ वंदना, डॉ सुकृति मिश्रा, प्रवीण श्रीवास्तव, सुधाकर मिश्र, हरिओम कुमार आदि उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

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