उत्कल दिवस पर लखनऊ में ओडिसी नृत्य का आयोजन

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उत्कल दिवस पर लखनऊ में ओडिसी नृत्य का आयोजन


लखनऊ, 01 अप्रैल (हि.स.)। सांस्कृतिक संस्था लखनऊ ओड़िया समाज की ओर से बुधवार को लखनऊ के वैशाखी सभागार में ओड़िया दिवस (उत्कल दिवस) सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम ओडिशा राज्य के समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता हुए उसके गठन की ऐतिहासिक गाथा को समर्पित रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत ओडिसी नृत्य गुरु केलुचरण महापात्र को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस अवसर पर समाज के सदस्यों ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए समाज के अध्यक्ष गोविंद पटनायक ने ओडिशा की सांस्कृतिक समृद्धि एवं कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. सरोजिनी साहू, प्रख्यात लेखिका एवं साहित्यकार रहीं। उन्होंने समकालीन नारीवाद की सशक्त आवाज के रूप में अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को जागरूक करने की बात कही। उनकी रचनाएं हिंदी, अंग्रेजी, बंगाली, मलयालम एवं कई भाषाओं में अनूदित हो चुकी हैं। उन्होंने नई पीढ़ी को साहित्य के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में वर्ष 2025 के लिए “ओड़िया साहित्य सम्मान” प्रोफेसर सुनील चौधरी को प्रदान किया गया। उन्हें उनके साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा वार्षिक स्मारिका “निर्मल्य” का विमोचन भी किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत प्रसिद्ध कलाकार डॉ. मनोज प्रधान एवं माला प्रधान ने ओडिसी नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में ओडिशा फूड फेस्टिवल का आयोजन किया गया, जिसमें पारंपरिक ओड़िया व्यंजनों का स्वाद उपस्थित लोगों ने लिया। कार्यक्रम का समापन सांस्कृतिक एकता एवं गौरव के भाव के साथ हुआ, जिसने ओडिशा की समृद्ध परंपरा को सुदृढ़ करते हुए समाज के बीच एकजुटता का संदेश दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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