सांसद ही नहीं, कई विधायक भी सही समय के इंतजार में; सपा पर राकेश प्रताप सिंह का बड़ा हमला
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- 'सांसद ही नहीं कई विधायक भी सपा छोड़ने को तैयार बैठे हैं', राकेश प्रताप सिंह का अखिलेश पर बड़ा हमला
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के भीतर असंतोष और टूट को लेकर सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। अब अमेठी के गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखकर दावा किया है कि समाजवादी पार्टी में नाराजगी सिर्फ सांसदों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई विधायक, पदाधिकारी और पुराने कार्यकर्ता भी खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि पार्टी के अंदर बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो वर्तमान नेतृत्व और पार्टी की कार्यशैली से असहज हैं। उनके मुताबिक कई नेता मन बना चुके हैं, लेकिन सही समय का इंतजार कर रहे हैं।
'सनातन आस्था का सम्मान नहीं'
अपनी पोस्ट में राकेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी पर सनातन आस्था की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कोई भी नेता उस पार्टी में ज्यादा दिन तक नहीं रह सकता, जहां उसकी धार्मिक भावनाओं और आस्था पर सवाल उठाए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में हिंदू देवी-देवताओं और सनातन परंपराओं को लेकर विवादित बयान दिए गए, लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने कभी स्पष्ट रुख नहीं अपनाया।
उन्होंने कहा कि जब पार्टी के भीतर कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इन मुद्दों पर अपनी नाराजगी जाहिर की तो उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें अपमानित किया गया।
रामचरितमानस विवाद का भी किया जिक्र
राकेश प्रताप सिंह ने अपने पोस्ट में रामचरितमानस विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के बड़े नेताओं के इशारे पर कई दिनों तक रामचरितमानस जलाने जैसे कार्यक्रम हुए, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने इस पर चुप्पी साधे रखी। उन्होंने दावा किया कि इसको लेकर पार्टी के भीतर भी विरोध हुआ था, लेकिन विरोध करने वालों को महत्व नहीं दिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि जब कुछ नेताओं ने अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन करने की इच्छा जताई तो उन्हें भी अपमानित किया गया, जिससे कार्यकर्ताओं और नेताओं के मन में नाराजगी बढ़ती चली गई।
कई साथी घुटन महसूस कर रहे
विधायक ने कहा कि पार्टी के भीतर लगातार हो रही घटनाओं से उन्हें खुद भी घुटन महसूस होने लगी थी। उन्होंने दावा किया कि यही वजह रही कि उन्होंने समाजवादी पार्टी से दूरी बनाई। उनके अनुसार कई अन्य पुराने साथी भी इसी तरह की पीड़ा महसूस कर रहे हैं और अवसर मिलने पर अपनी राजनीतिक राह अलग कर सकते हैं।
एक जाति और धर्म विशेष की पार्टी बन गई है सपा
राकेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में समाजवादी पार्टी में विचारधारा से ज्यादा कुछ खास लोगों की चलती है। उन्होंने कहा कि पार्टी में ऐसे लोगों को महत्व मिल रहा है, जो सनातन धर्म, ब्राह्मण समाज और गैर-यादव पिछड़ों के खिलाफ बयानबाजी करते हैं, जबकि शीर्ष नेतृत्व मूकदर्शक बना रहता है।
उन्होंने दावा किया कि यही कारण है कि पार्टी अपने पारंपरिक सामाजिक आधार से दूर होती जा रही है और अब एक जाति तथा धर्म विशेष की पार्टी बनकर रह गई है।
अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना
राकेश प्रताप सिंह ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष की जानकारी होने के बावजूद नेतृत्व उसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है। उनके मुताबिक अखिलेश यादव के आसपास ऐसा घेरा बन गया है, जहां जमीनी कार्यकर्ताओं और नेताओं की आवाज पहुंच ही नहीं पा रही है।
पोस्ट के अंत में राकेश प्रताप सिंह ने दावा किया कि उन्होंने कई पुराने समाजवादी नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत की है, जो खुद को आहत और ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि असंतोष सिर्फ सांसदों तक सीमित नहीं है, बल्कि कहीं ज्यादा व्यापक है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि आने वाले दिनों में समाजवादी पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लग सकता है, जिसकी कल्पना अभी उसके नेता भी नहीं कर रहे होंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह हालात बन रहे हैं, उसे देखते हुए "समाजवादी पार्टी, समाप्तवादी पार्टी" बन सकती है।
बता दें कि योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने हाल ही में दावा किया है कि सपा के कई सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं। इसके बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा के 25-26 सांसद सपा छोड़ने के लिए तैयार हैं। इसके बाद से लगातार बयानबाजियों का दौर जारी है।

