सुपर फास्ट कनेक्टिविटी का हब बनेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट

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सुपर फास्ट कनेक्टिविटी का हब बनेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट


नोएडा, 21 मार्च (हि.स.)। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कॉमर्शियल फ्लाइट अप्रैल के मध्य तक शुरू होंगी। आने वाले कुछ वर्षों में दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हवाई अड्डों तक पहुंचने के लिए सुपरफास्ट कनेक्टिविटी मिलेगी। दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मथुरा, अलीगढ़, आगरा से यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए यात्री सीधे एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। वहीं इसी वर्ष तक दिल्ली, पलवल, फरीदाबाद, गाजियाबाद, बागपत से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से भी सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी।

इसके साथ ही गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा वेस्ट और ग्रेटर नोएडा, यमुना सिटी होते हुए नमो रेल से हाईस्पीड कनेक्टिविटी से नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक कुछ ही मिनटों में यात्री आना-जाना कर सकेंगे। देश की बड़ी परियोजना में शामिल बुलेट ट्रेन आने वाले वर्षों में दिल्ली, नोएडा होते हुए मध्य उत्तर प्रदेश के शहरों मे जाएगी। इससे भी हाईस्पीड कनेक्टिविटी से नोएडा एयरपोर्ट के यात्रियों को जोड़ देगा।

यमुना एक्सप्रेसवे के 10 किलोमीटर माइलस्टोन के पास गुजर रहे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से इंटरचेंज के जरिए जोड़ा जा रहा है। 531 करोड़ रुपये की इस परियोजना में यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे चारों ओर 8 लूप बनाकर जोड़ा जा रहा है। इसके बनने के बाद एक तरफ दिल्ली, पलवल, सोनीपत, पानीपत और दूसरी ओर गाजियाबाद, बागपत के यात्री नोएडा एयरपोर्ट आसानी से पहुंच सकेंगे।गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना सिटी के सेक्टर-21ए स्थित फिल्म सिटी के पास यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। इस एक्सप्रेसवे के लिए यमुना प्राधिकरण किसानों से सीधे जमीन खरीद कर रहा है। अगले तीन वर्ष में यह एक्सप्रेसवे बनने से बुलंदशहर, मेरठ और अन्य जिलों से काफी कम समय में यात्री पहुंच सकेंगे।

नोएडा एयरपोर्ट से सीधे फरीदाबाद के लिए बन रहा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे 25 मिनट में यात्रियों को नोएडा एयरपोर्ट पहुंचा देगा। परियोजना के लिए केंद्रीय केबिनेट ने 3230 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। यह एक्सप्रेसवे जून 2027 तक पूरा हो जाएगा। इसके जरिये गुरुग्राम और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से आने वाले यात्री भी नोएडा एयरपोर्ट आसानी से पहुंच सकेंगे।दिल्ली से वाराणसी के लिए प्रस्तावित बुलेट ट्रेन का एक स्टेशन नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर होगा। यह भूमिगत होगा। एयरपोर्ट को बुलेट ट्रेन परियोजना से जोड़ने की प्रक्रिया तेज हुई है। नेशनल हाई-स्पीड रेल कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के अधिकारी ने हाल ही में यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के मुख्यालय पहुंचकर एयरपोर्ट के पास स्टेशन बनाने के लिए जमीन की उपलब्धता, यात्री क्षमता और डिजाइन पर चर्चा की थी। इसकी डीपीआर बनाने की प्रक्रिया चल रही है।

यमुना प्राधिकरण के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया के मुताबिक गौतमबुद्ध नगर में बुलेट ट्रेन के दो स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इसमें एक नोएडा के सेक्टर-148 में होगा जोकि ग्रेटर नोएडा के भी नजदीक रहेगा। वहीं दूसरा स्टेशन एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित है। बुलेट ट्रेन के जरिए यात्री दिल्ली से 20 मिनट में नोएडा एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद से नोएडा एयरपोर्ट के लिए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम या नमो भारत (आरआरटीएस) का रूट को मंजूरी मिल गई है। गाजियाबाद से नोएडा एयरपोर्ट एक ही ट्रैक पर नमो भारत ट्रेन व मेट्रो चलाई जानी है। इसमें 11 स्टेशन नमो भारत व 11 स्टेशन मेट्रो के हैं। एयरपोर्ट से गाजियाबाद तक 72.2 किमी तक एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाएगा। पहले चरण में गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार से ग्रेटर नोएडा ईकोटेक-6 तक और दूसरे चरण में ईकोटेक-6 से एयरपोर्ट तक कॉरिडोर बनाया जाना था। इस पर 20637 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी

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