देवरिया : निपुण भारत मिशन को गति देने के लिए 'निपुण संकल्प कार्यशाला' आयोजित
देवरिया, 01 अगस्त (हि.स.)। बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से प्राप्त करने के उद्देश्य से शनिवार को देवरिया के एमराल्ड सफारी, गौरा में 'निपुण संकल्प कार्यशाला' का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय कक्षा में बदलाव, कैच-अप शिक्षण एवं पठन संस्कृति के माध्यम से निपुण भारत की ओर रहा। इसमें देवरिया और कुशीनगर के एआरपी, एसआरजी, खंड शिक्षा अधिकारी तथा शिक्षकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी, मुख्य विकास अधिकारी राजेश सिंह और सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), गोरखपुर मंडल संगीता सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जिलाधिकारी ने शिक्षकों और अधिकारियों से देवरिया को निपुण जनपद बनाने का आह्वान करते हुए निपुण उत्तर प्रदेश के सभी प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी और शिक्षक अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य ने कहा कि कक्षा में बदलाव, कैच-अप शिक्षण और पठन संस्कृति निपुण भारत मिशन की आधारशिला हैं। उन्होंने आनंददायक, सुरक्षित एवं समावेशी शिक्षण वातावरण, नियमित अभ्यास, सतत मूल्यांकन तथा 15 दिवसीय कैच-अप अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर बल दिया।
कार्यशाला में राज्य परियोजना कार्यालय के विशेषज्ञों ने निपुण संकल्प, कक्षा में बदलाव के 10 सूत्र, कैच-अप शिक्षण के 15 सूत्र तथा निपुण प्लस ऐप के माध्यम से आकलन प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही विद्यालयों में रीडिंग कॉर्नर, रीडिंग क्लब, डीईएआर अभियान और समाचार-पत्र वाचन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। अंत में सभी प्रतिभागियों ने प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का संकल्प लिया।
-----------------
हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

