नाइजीरिया के प्रतिनिधिमंडल के साथ केशव प्रसाद मौर्य ने की बैठक,कहा -हर गांव में पक्की सड़क बनाना हमारा लक्ष्य

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नाइजीरिया के प्रतिनिधिमंडल के साथ केशव प्रसाद मौर्य ने की बैठक,कहा -हर गांव में पक्की सड़क बनाना हमारा लक्ष्य


नाइजीरिया के प्रतिनिधिमंडल के साथ केशव प्रसाद मौर्य ने की बैठक,कहा -हर गांव में पक्की सड़क बनाना हमारा लक्ष्य


लखनऊ, 19 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को अपने सरकारी आवास, 7 कालिदास मार्ग, लखनऊ पर नाइजीरिया के संघीय गणराज्य के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री एवं प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सीनेटर डॉ. अलियु साबी अब्दुल्लाही तथा उनके सम्मानित प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की योजनाओं पर आधारित थी, जिसके अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के लिए अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों, विशेष रूप से एफडीआर तकनीक एवं कार्बन फुटप्रिंट को कम करने वाली तकनीकों, के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण विभाग की उपलब्धियों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों पर विस्तार से चर्चा एवं प्रस्तुतिकरण किया गया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने नाइजीरिया से आए प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत कर प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को पुष्पगुच्छ भेंट की एवं अंगवस्त्र पहनाकर तथा स्मृति चिह्न (मोमेंटो) दे कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि भारत और नाइजीरिया के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण एवं सहयोगात्मक संबंध रहे हैं तथा विकास के विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच अनुभवों एवं तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

हर गांव में पक्की सड़क और पुल बनाना हमारा लक्ष्य

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि हर गांव में पक्के मार्ग और आवश्यकतानुसार पुल उपलब्ध कराना हमारी सरकार का लक्ष्य है। गांव विकसित होगा तो प्रदेश विकसित होगा और प्रदेश के विकास के साथ प्रत्येक नागरिक के जीवन में खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कें गांवों को केवल शहरों से जोड़ने का कार्य नहीं करतीं, बल्कि वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा हैं। अच्छी सड़क होने से किसान अपनी उपज को आसानी से बाजार तक पहुंचा सकता है, विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिलते हैं, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा होती है और ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग एवं रोजगार की संभावनाएं बढ़ती हैं। सड़क संपर्क बेहतर होने से ग्रामीण क्षेत्रों में निवेश का वातावरण बनता है और छोटे उद्यमों, कृषि आधारित उद्योगों तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए नई संभावनाएं पैदा होती हैं। इससे गांवों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और ग्रामीण युवाओं को रोजगार के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन करने की आवश्यकता कम होती है।

उप मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि नाइजीरिया के प्रतिनिधिमंडल को उत्तर प्रदेश में ग्रामीण सड़क निर्माण एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों से उपयोगी जानकारी प्राप्त होगी और दोनों देशों के बीच इन क्षेत्रों में भविष्य में और अधिक सहयोग एवं तकनीकी साझेदारी की संभावनाएं विकसित होंगी।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के सफल 25 वर्ष

बैठक में ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ बाबू ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि यह महत्वाकांक्षी योजना है प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रथम चरण को धरातल पर उतारा गया। योजना के माध्यम से गांवों को बारहमासी एवं गुणवत्तापूर्ण सड़क संपर्क से जोड़ने का कार्य लगातार आगे बढ़ाया गया।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के फेज-1 से फेज-4 तक कुल 21,124 मार्ग स्वीकृत किए गए हैं, जिनकी कुल लंबाई 77,418.69 किलोमीटर है। इन परियोजनाओं में 17 पुल भी शामिल हैं और इन कार्यों के लिए कुल 33,359.15 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। अब तक लगभग 21,040 किलोमीटर मार्गों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश की तकनीकी पहल में दिखाई रुचि

बैठक में नाइजीरिया के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री एवं प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सीनेटर डॉ. अलियु साबी अब्दुल्लाही ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण की आधुनिक तकनीक, ग्रामीण संपर्क व्यवस्था और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में महिलाओं एवं युवाओं को दिए जा रहे अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने, कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने, खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित करने के मॉडल में रुचि दिखाई।

बैठक में नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल की ओर से सीनेटर डॉ. अलियु साबी अब्दुल्लाही, राज्य मंत्री, कृषि एवं खाद्य सुरक्षा एवं प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख; मोहम्मद इहिजुए अब्दुलमुतालिब, कमिश्नर, ऊर्जा एवं ग्रामीण विकास, कोगी राज्य; बोलुवाडे एबेनेजर ओलामाइड, कृषि एवं खाद्य सुरक्षा आयुक्त, एकिति राज्य; इंजीनियर अमिनु बोडिंगा मोहम्मद, राष्ट्रीय समन्वयक, ग्रामीण पहुंच और कृषि विपणन परियोजना; डॉ. एडेट एकोंग, कृषि एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री के निदेशक/विशेष सहायक; इलुरोमी डेबोला उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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