एनएचएआई ने यूजर शुल्क एजेंसी का अनुबंध समाप्त कर किया ब्लैकलिस्टेड
बाराबंकी, 16 जनवरी (हि.स.)। बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ बारा टोल प्लाजा पर अधिवक्ता से मारपीट के मामले में एनएचएआई ने यूजर शुल्क एजेंसी का अनुबंध समाप्त कर दिया। एजेंसी को एक साल के लिए डिबार करने और 5.3 करोड़ की बैंक गारंटी जब्त करने का प्रस्ताव है। टोल कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी भी हुई है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 14 जनवरी को एनएच-731 के लखनऊ–सुल्तानपुर खंड पर बाराबंकी स्थित बारा टोल फी प्लाजा पर एक अधिवक्ता के साथ मारपीट की घटना के बाद यूजर शुल्क संग्रहण एजेंसी एम/एस स्काईलार्क इंफ्रा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड का अनुबंध समाप्त कर दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एजेंसी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।
एनएचएआई ने एजेंसी को भेजे नोटिस में घटना के संबंध में स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके अलावा कदाचार के लिए एजेंसी को एक वर्ष की अवधि के लिए एनएचएआई की किसी भी निविदा अथवा अनुबंध में भाग लेने से वंचित (डिबार) करने का प्रस्ताव किया है। साथ ही मौजूदा अनुबंध के तहत जमा की गई 5.3 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी/परफॉर्मेंस सिक्योरिटी को जब्त एवं भुनाने का भी प्रस्ताव है।
अधिकारियों ने बताया कि यह घटना अनुबंध समझौते का गंभीर उल्लंघन है। निर्धारित है कि ठेकेदार द्वारा तैनात कर्मी आम जनता के साथ किसी भी प्रकार का कदाचार या दुर्व्यवहार नहीं करेंगे। अपने आचरण में पूर्ण अनुशासन और शालीनता बनाए रखेंगे।
यह घटना एजेंसी द्वारा अनुशासन, उचित पर्यवेक्षण और अनुबंधीय दायित्वों के पालन में विफलता को दर्शाती है। एनएचएआई सभी राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित एवं संरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है और टोल प्लाजा पर किसी भी प्रकार के कदाचार या अनुशासनहीनता के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है।
अधिवक्ता के साथ की थी मारपीट
बता दें कि बीती 14 जनवरी को टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारियों ने प्रतापगढ़ निवासी अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला को बेरहमी से पीटा था। इसके विरोध में बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ता टोल प्लाजा पर जुटे और उसका संचालन बंद करा दिया। वहीं पुलिस ने 15 टोल कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ पांच को गिरफ्तार किया है।
कोतवाली प्रभारी अभिमन्यु मल्ल ने बताया कि बीती 14 जनवरी को टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारियों ने कार निकलने के मामले में प्रतापगढ़ निवासी अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला को बेरहमी से पीटा था। इसके विरोध में बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ता टोल प्लाजा पर जुटे और उसका संचालन बंद करा दिया। वहीं पुलिस ने 5 टोल कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ अब तक टोल मैनेजर सहित पांच को गिरफ्तार किया है।
उन्होंने बताया इस मामले में एनएचएआई विभाग ने उक्त एजेंसी को ब्लैक लिस्ट कर दूसरी एजेंसी को टोल का कार्यभार सौंप दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी

