जौनपुर : एनएच-233 प्रभावित किसानों ने नितिन गडकरी से मिलने की मांगी अनुमति, जिलाधिकारी को सौंपा पत्र
जौनपुर, 02 नवंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के पांच नवंबर को प्रस्तावित आगमन को लेकर एनएच-233 से प्रभावित किसानों ने अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखने की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में सोमवार को पूर्वांचल किसान संगठन के अध्यक्ष अजीत सिंह के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के लिए प्रभावित किसानों के प्रतिनिधिमंडल को अनुमति दिलाने की मांग की है।
संगठन ने एडीएम परमानंद झा को दिए गए ज्ञापन के माध्यम से बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-233 के निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे पर मिलने वाला ब्याज करीब चार हजार किसानों को वर्षों से नहीं मिला है। किसानों ने लंबित ब्याज का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की है। साथ ही सड़क का निर्माण अधूरा होने के बावजूद बेरही टोल प्लाजा पर की जा रही वसूली तत्काल बंद कराने की मांग उठाई है।
संगठन ने अजगरा विधायक त्रिभुवन राम के 30 सितंबर 2026 को जारी वीडियो का जिक्र करते हुए कहा है कि विधायक ने मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से टोल प्लाजा स्थगित किए जाने के निर्णय की जानकारी दी थी। इसके बावजूद टोल वसूली जारी रहने पर संगठन ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन को लेकर सवाल उठाए हैं।
किसानों ने अधूरी सड़क के कारण हो रही दुर्घटनाओं पर रोक लगाने, स्थानीय लोगों की सुरक्षा और आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की है। इसके अलावा भूमि मुआवजे के निर्धारण में कथित भेदभाव और विसंगतियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।
संगठन का आरोप है कि जिन किसानों की जमीन को पूर्व में दो बार मुआवजा निर्धारण के दौरान मुख्य मार्ग पर स्थित माना गया था, अब उन्हीं जमीनों के बीच नाली अथवा ग्राम समाज की भूमि दर्शाकर उन्हें मुख्य मार्ग से दूर बताया जा रहा है। इससे मुआवजे की राशि आधी होने की स्थिति उत्पन्न हो गई है। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। पूर्वांचल किसान संगठन ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि केंद्रीय मंत्री के जनपद आगमन पर प्रभावित किसानों के प्रतिनिधिमंडल को उनसे मुलाकात के लिए निर्धारित समय और स्थान उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसान अपनी समस्याओं और मांगों से सीधे केंद्रीय मंत्री को अवगत करा सकें।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

