न्यू नोएडा के विस्तार से बदलेगी यूपी की तस्वीर, 20 हजार हेक्टेयर में बसेगा नया औद्योगिक शहर, 2030 तक 6 लाख रोजगार का लक्ष्य
 

a
WhatsApp Channel Join Now
  • आगामी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में ₹35 हजार करोड़ की 120 परियोजनाएं होंगी शुरू
  • डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और मेट्रो कनेक्टिविटी से निवेश को मिलेगी नई रफ्तार

नोएडा/लखनऊ। उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र बनाने की दिशा में नोएडा एक और बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है। औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और निवेशकों की बढ़ती मांग को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने 'न्यू नोएडा' विकसित करने की योजना तैयार की है। करीब 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाले इस नए औद्योगिक शहर से निवेश, कारोबार और रोजगार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। प्राधिकरण ने वर्ष 2030 तक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 5 से 6 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा है।

नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कृष्णा करुणेश ने बताया कि तेजी से बढ़ती औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने के लिए शहर के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नई परियोजनाओं के जरिए नोएडा को आधुनिक तकनीक, विनिर्माण और वैश्विक निवेश के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।

न्यू नोएडा के लिए जल्द शुरू होगा भूमि अधिग्रहण
नोएडा में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के लगातार विस्तार के कारण अब नई जमीन की उपलब्धता सीमित होती जा रही है। इसी चुनौती को देखते हुए प्राधिकरण न्यू नोएडा की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए जल्द ही चरणबद्ध तरीके से भूमि अधिग्रहण शुरू करने की तैयारी है।

इसके साथ ही राज्य सरकार मौजूदा नोएडा में अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) की सुविधा देने के विकल्पों पर भी विचार कर रही है। इससे उपलब्ध जमीन पर अधिक निर्माण की संभावनाएं बढ़ेंगी और औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को विस्तार मिल सकेगा।

₹35 हजार करोड़ की 120 परियोजनाएं उतरेंगी धरातल पर
नोएडा में निवेश को नई रफ्तार देने के लिए आगामी पांचवें ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) में करीब 35 हजार करोड़ रुपये की 120 परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की तैयारी है।

इन परियोजनाओं में डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, वाणिज्यिक रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और संस्थागत विकास से जुड़े निवेश शामिल हैं। इनके शुरू होने से औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

सीईओ कृष्णा करुणेश के अनुसार, नोएडा में पहले से मौजूद औद्योगिक सुविधाएं और बेहतर कनेक्टिविटी निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। नई परियोजनाओं के जरिए इस औद्योगिक आधार को और मजबूत किया जाएगा।

तीन नए मेट्रो कॉरिडोर से बेहतर होगी कनेक्टिविटी
नोएडा के औद्योगिक विस्तार के साथ परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने की भी तैयारी है। इसके लिए तीन प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर पर योजना बनाई जा रही है।

इनके माध्यम से नोएडा को बोड़ाकी के मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब, बॉटनिकल गार्डन और चार मूर्ति के रास्ते गौर सिटी से जोड़ने का प्रस्ताव है। इन परियोजनाओं से लोगों की आवाजाही आसान होने के साथ औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों तक पहुंच भी बेहतर होगी।

फिलहाल नोएडा को नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, डीएनडी फ्लाईवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जैसी प्रमुख सड़कों का लाभ मिल रहा है। प्रस्तावित मेट्रो नेटवर्क से शहर की कनेक्टिविटी और मजबूत होने की उम्मीद है।

नोएडा का 90 प्रतिशत क्षेत्र विकसित, अब नए विस्तार पर जोर
वर्ष 1976 में दिल्ली के निकट औद्योगिक नगरी के रूप में स्थापित नोएडा आज उत्तर भारत के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में शामिल हो चुका है। प्राधिकरण के अनुसार, मौजूदा नोएडा करीब 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है और इसे 168 सेक्टरों में बांटा गया है। इसका लगभग 90 प्रतिशत क्षेत्र विकसित हो चुका है।

पिछले तीन दशकों में यहां करीब 9,500 औद्योगिक, 5,000 वाणिज्यिक और 250 से अधिक संस्थागत आवंटन किए गए हैं। इन गतिविधियों के जरिए पिछले 30 से 35 वर्षों में 12 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की जानकारी दी गई है।

अब न्यू नोएडा के विकास से उद्योगों को नई जमीन उपलब्ध कराने और निवेश की बढ़ती मांग को पूरा करने की तैयारी है।

यूपी की अर्थव्यवस्था में नोएडा की बड़ी हिस्सेदारी
नोएडा उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्राधिकरण की ओर से साझा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में नोएडा का योगदान करीब 10 प्रतिशत है।

वहीं, राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी निर्यात में नोएडा की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत और परिधान निर्यात में करीब 80 प्रतिशत बताई गई है।

नोएडा में सैमसंग, डिक्सन, टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएल, माइक्रोसॉफ्ट, विप्रो और एडोबी जैसी बड़ी कंपनियों की मौजूदगी ने इसे औद्योगिक और तकनीकी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाया है।

डेटा सेंटर, एआई और सेमीकंडक्टर पर विशेष ध्यान
नोएडा में पारंपरिक उद्योगों के साथ नई तकनीक से जुड़े क्षेत्रों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सिफी और अडानीकनेक्स के डेटा सेंटर निवेश से शहर में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिली है।

इसके अलावा प्राधिकरण सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और बैटरी तकनीक से जुड़े अनुसंधान एवं विकास को भी प्रोत्साहित कर रहा है। इसका उद्देश्य नोएडा को आधुनिक तकनीक और उच्च मूल्य वाले विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना है।

2030 तक 6 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य
न्यू नोएडा के विकास से सबसे अधिक उम्मीद रोजगार के क्षेत्र में जताई जा रही है। प्राधिकरण ने वर्ष 2030 तक 5 से 6 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

नई औद्योगिक इकाइयों, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों, लॉजिस्टिक्स और व्यावसायिक परियोजनाओं से तकनीकी विशेषज्ञों के साथ अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले युवाओं के लिए भी अवसर बढ़ने की संभावना है।

न्यू नोएडा का प्रस्तावित विस्तार उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, इसकी सफलता भूमि अधिग्रहण, बुनियादी ढांचे के विकास और निवेश परियोजनाओं के समय पर पूरा होने पर निर्भर करेगी।

Ishwar Upadhyay
Ishwar Upadhyay

65 Articles

Ishwar Chandra Upadhyay Senior Journalist | Digital Media Strategist | Co-Founder, Live VNS From traditional journalism to the evolving world of digital media, Ishwar Chandra Upadhyay's journey of nearly two decades has been dedicated to journalism, innovation, and public interest. Having started his media career in 2005, Upadhyay has established a strong professional reputation through his association with leading media organizations, including Zee News, Amar Ujala, Hindustan, Eenadu India, and ETV Bharat. As the Co-Founder of Live VNS, one of Varanasi's leading digital news platforms, he has played a significant role in bringing local journalism into the digital mainstream and strengthening the voice of grassroots communities. Holding a postgraduate degree in Journalism and Mass Communication, Upadhyay specializes in editorial leadership, digital media, social media management, and content strategy.

Share this story