एनसीसी कैडेट्स ने डीएसटी प्रोसीजर सीखने के साथ सलामी शस्त्र का किया अभ्यास

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एनसीसी कैडेट्स ने डीएसटी प्रोसीजर सीखने के साथ सलामी शस्त्र का किया अभ्यास


एनसीसी कैडेट्स ने डीएसटी प्रोसीजर सीखने के साथ सलामी शस्त्र का किया अभ्यास


महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज और ग्रीन मीडोज पब्लिक स्कूल में चल रहा एनसीसी का वार्षिक प्रशिक्षण कैंप

मुरादाबाद, 28 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में 23वीं यूपी बटालियन एनसीसी के महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज और ग्रीन मीडोज पब्लिक स्कूल में वार्षिक प्रशिक्षण कैंप चल रहा है। गुरुवार को कैंप के छठें दिन सुबह एनसीसी कैडेटों को सबसे पहले पीटी और योग कराया गया। इसके बाद मध्यान्ह काल में सीनियर डिवीजन के एनसीसी कैडेटों को सूबेदार सुरेश कुमार, नायब सूबेदार लोकेंद्र और हवलदार मोईन ने डीएसटी प्रोसीजर सिखाया गया और सलामी शस्त्र का अभ्यास कराया गया। जूनियर डिवीजन के एनसीसी कैडेटों को तीन और तीन की फाइल में तेज चाल और सामने सैल्यूट का अभ्यास कराया गया।

इसके पश्चात नायाब सचिन ढमाले और हवलदार संजीव ने एनसीसी कैडेटों को एसएलआर राइफल की जानकारी दी। उसमें कितने राउंड आते हैं, कितने भागों में उसे खोला जाता है, उसका वजन कितना होता है, उसकी मजल वेलोसिटी कितनी होती है और उसका कारगर रेंज क्या होता है, इन सभी के बारे में जानकारी दी गई।

मेजर राजीव ढल ने एनसीसी संगठन राष्ट्रीय कैडेट कोर की स्थापना और उसके कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंडित हृदयनाथ कुंदरु की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिश के आधार पर 16 जुलाई 1948 को रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय कैडेट कोर की स्थापना की गई। एनसीसी के प्रथम निदेशक गोपाल गुरुनाथ बेवूर थे और एनसीसी के वर्तमान निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल

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