मां कल्याणी ने दिए महागौरी के स्वरूप में भक्तों को अलौकिक दर्शन

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मां कल्याणी ने दिए महागौरी के स्वरूप में भक्तों को अलौकिक दर्शन


मां कल्याणी ने दिए महागौरी के स्वरूप में भक्तों को अलौकिक दर्शन


--मनुष्य का कर्म ही उसके पतन और उत्थान का कारण : डॉ अनिरुद्ध महाराज--श्री राम जन्मोत्सव का भव्य आयोजन शुक्रवार को

प्रयागराज, 26 मार्च (हि.स)। मां कल्याणी देवी मंदिर धाम में चल रहे नवरात्रि महोत्सव के अष्टमी दिवस पर प्रातःकाल महामंत्री पंडित श्यामजी पाठक ने विधि विधान पूर्वक मां कल्याणी जी का मंगला आरती कर माता महागौरी का आह्वान किया। दोपहर 2 बजे तक मां का दर्शन पूजन करने के लिए मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ लगी रही और दर्शन पूजन के पश्चात भक्तों ने बच्चों को कर्णछेदन और मुंडन कराया और मंदिर में चल रही दुर्गा सप्तशती पाठ और शतचंडी महायज्ञ में भाग लिया।

मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने बताया कि शाम को मां कल्याणी देवी का श्रृंगार दर्शन का पट भक्तों के लिए खोला गया और मां कल्याणी स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित माता महागौरी के स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिया। मां के अलौकिक रूप का श्रृंगार दर्शन प्राप्त कर भक्तगणों ने जोरदार जयकारा लगाया और पूरा कल्याणी देवी धाम मां के जयकारे से गूंज उठा। इसके उपरांत महाआरती और मध्य रात्रि शयन आरती अध्यक्ष पंडित सुशील कुमार पाठक द्वारा विधिवत किया गया।

उन्होंने बताया कि शुक्रवार को नवरात्रि के नवमी तिथि पर मां कल्याणी देवी का श्रृंगार माता सिद्धदात्री के स्वरूप में किया जाएगा। मां का सम्पूर्ण रत्न जड़ित जड़ाऊ श्रृंगार स्वर्ण आभूषणों एवं बहुरंगी फूलों से किया जाएगा। माता महागौरी चतुर्भुजी स्वरुप में कमल पुष्प पर विराजित होगी और हाथों में शंख चक्र गदा और पद्म धारण करेंगी। इसके बाद दोपहर 12 बजे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दौरान मेले के प्रबंधन अध्यक्ष सुशील कुमार पाठक, महामंत्री श्यामजी पाठक, संयोजक अनिल पाठक, यज्ञाचार्य संतोषानंद महाराज, दिलीप पाठक, सुधीर सैकड़ांे स्वयंसेवक एवं पुलिस के जवान तैनात रहे।

मीडिया प्रभारी ने बताया कि इस अवसर मां कल्याणी देवी मंदिर धाम के अंतर्गत श्री नवसंवत्सर मानस समिति द्वारा आयोजित श्री राम कथा के अष्टमी दिवस पर भक्तों को कथा का रसपान कराते हुए कथा व्यास डॉ अनिरुद्ध महाराज ने लंका कांड के प्रसंग को सुनाते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने माता जानकी को बताया कि रावण को हमारे बाण ने नहीं बल्कि उसके दुष्कर्म, अत्याचार और अहंकार ने मारा है। और यह इस बात का संकेत है कि मनुष्य कितना भी बड़ा बलशाली क्यों न हो जाए उसे धर्म और सत्य के सामने पराजित होना ही होगा और मनुष्य का कर्म उसके पतन और उत्थान का कारण बनता है।

कथा का संचालन प्रवक्ता ओंकार नाथ त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर कुमार नारायण, पंडित कृष्ण कुमार पाठक, महामंत्री सुबोध खन्ना, शिवबाबू त्रिपाठी, राजेश केसरवानी, मनोज टंडन, कुंवरजी टंडन, राजू यादव सहित सैकड़ों भक्तों ने आरती की।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

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